जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के करौली जिले में प्रस्तावित योग गुरु बाबा रामदेव के प्रोजेक्ट पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार के निर्माण, रजिस्ट्री एवं लीज डीड करने पर रोक लगा दी है।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त से श्री गोविंद देव जी मंदिर की संपत्तियों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा है। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। हाई कोर्ट ने उक्त आदेश करौली निवासी राम कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता संजय जोशी ने बताया कि याचिका में हमने पतंजलि ट्रस्ट और श्री गोविंद देव जी मंदिर ट्रस्ट के बीच हुई लीज डीड को चुनौती दी थी।

कोर्ट ने हमारी ओर से प्रस्तुत तथ्यों व दस्तावेजों से संतुष्ट होते हुए स्थगन आदेश दिया है। अब मंदिर से जुड़ी 729 बीघा विवादित भूमि पर न तो कोई निर्माण कार्य हो सकेगा और न ही रजिस्ट्री या लीज डीड की जा सकेगी। कोर्ट ने देवस्थान विभाग से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा है। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद बाबा रामदेव के प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

गौरतलब है कि रामदेव के पतंजलि ट्रस्ट ने करौली के श्री गोविंद देव जी मंदिर ट्रस्ट से 11 अगस्त, 2016 को 401 बीघा जमीन तीन साल के लिए लीज पर ली थी। रामेदव यहां योगपीठ, गुरुकुल, आयुर्वेदिक अस्पताल, आयुर्वेदिक दवाइयों का उत्पादन केंद्र और गोशाला बनाना चाहते हैं।

Posted By: Sachin Mishra