जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में जानलेवा बनी भीषण गर्मी से पशुओं को बचाने के लिए भी सरकार को आदेश जारी करना पडा है। बीकानेर जिला कलेक्टर ने मंगलवार को उन्हें राहत पहुंचाने के लिए आदेश दिए हैं कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पशुओं को भार वहन से मुक्त रखा जाए। ऐसा नहीं करने वाले पशु मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

प्रदेश में इन दिनों गर्मी का सितम इस कदर है कि सुबह 7-8 बजे से ही आसमान से आग बरसने लगती है। ऐसे में दोपहर होते-होते पारा 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जाता है। ऐसे में पशुओं को काम से राहत देने का यह आदेश राजस्थान में पहली बार निकाला गया है और उम्मीद की जा रही है कि इससे पशुओं को काफी राहत मिलेगी।

284 बांधों में से 215 बांध लगभग सूखे

राजस्थान में  भीषण गर्मी में भंयकर पेयजल सकंट से जूझ रहे राजस्थान के अधिकतर बांध सूखने के कगार पर पहुंच गए है। जिन बांधों में थोड़ा बहुत पानी है उनका जल स्तर भी तेजी से गिर रहा है। बांधों में बमुश्किल जून के अंत तक का कामचलाऊ पानी बचा है। प्रदेश के एक चौथाई जिलों में जलसंकट की स्थिति भयावह है। यहां तक की झीलों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध उदयपुर शहर के साथ साथ भीण्डर, कानौद, खेरवाड़ा और ऋषभदेव इलाकों में पानी का संकट मंडरा रहा है। हालात यह हैं कि प्रदेश के कई कस्बों में तीन से पांच दिन में एक बार पेयजल की आपूर्ति की जा रही है ।

9 जिले सूखाग्रस्त

प्रदेश के बाड़मेर,जैसलमेर,नागौर,जोधपुर,बीकानेर,हनुमानगढ़,चूरू,पाली और जालौर जिले सूखाग्रस्त घोषित किए जा चुके है। इन जिलों में आगामी दिनों में पानी का संकट और अधिक गहराने की उम्मीद है।  

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Posted By: Preeti jha