जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के बूंदी जिले में एक प्रसूता को गांव में खराब सड़क के चलते डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर तक पहुंचना पड़ा। बच्ची को जन्म देने के तीन दिन बाद ही डेढ़ किलोमीटर पैदल चलने से प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक, बूंदी जिले के झोंपड़ियां गांव निवासी इंद्राबाई ने 30 सितंबर को देई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची को जन्म दिया था। बुधवार दोपहर बाद इंद्राबाई को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन से बातचीत कर इंद्राबाई के परिजनों ने घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस किराए पर ली।

एंबुलेंस चालक करीब तीन किलोमीटर तक प्रसूता और उसके परिजनों को लेकर गया और जैसे ही झोंपड़िया गांव में प्रवेश करने लगा तो वहां रास्ता खराब होने पर उसने आगे जाने से इनकार कर दिया। प्रसूता के परिजनों ने एंबुलेंस चालक से काफी आग्रह किया, लेकिन वह उन्हें घर तक पहुंचाने को तैयार नहीं हुआ। उसने खराब रास्ते में अपनी एंबुलेंस खराब होने का हवाला देते हुए अपने एक साथी के सहयोग से प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची को जबरन रास्ते में उतार दिया। परिजनों ने विरोध किया तो उनके साथ अभद्रव्यवहार किया गया।

आखिरकार प्रसूता इंद्राबाई डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर अपने गांव पहुंची। इस दौरान उसकी नवजात बच्ची को सास मनभरी ने गांव में उठाया। प्रसव के तीन दिन बाद डेढ़ किलोमीटर पथरीले रास्ते पर चलने के कारण प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई, उसे गांव के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

गौरतलब है कि गांव में सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण धरना व विरोध-प्रदर्शन कर ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद हालात नहीं बदले। गांव की सड़क खराब से इस पर वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है। सड़क पर बड़-बड़े गढ़े हैं। इसके चलते स्थानीय लोगों में भारी रोष है।

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Posted By: Sachin Mishra

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