जयपुर, [जागरण संवाददाता] । राजस्थान में किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला जारी है। राज्य के कोटा संभाग में एक माह में आधा दर्जन किसानों ने कर्ज और फसल का सही मूल्य नहीं मिल पाने के कारण आत्महत्याएं की है। आदिवासी जिले बांसवाड़ा में भी कर्ज से परेशान एक किसान द्वारा आत्महत्या का मामला सामने आया है।

शुक्रवार शाम को कोटा जिले के किशनगंज गांव निवासी बनवारी लाल ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस वर्ष उसके खेत में लहसुन की अच्छी फसल हुई थी। लेकिन लहसुन का सही दाम नहीं मिलने के कारण वह निरंतर कर्ज के बोझ के तले दबता रहा,इस कारण वह पिछले कुछ समय से मानसिक अवसाद में था और इसी के चलते शुक्रवार शाम उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

बनवारी लाल ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट अपनी शर्ट की जेब में लिखकर रखा,जिसमें सबसे पहले अपने माता-पिता को प्रणाम करते हुए लिखा कि आत्महत्या करना गलत है,लेकिन ईश्वर की यही मर्जी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले राज्य के कोटा संभाग में पांच किसानों ने आत्महत्या की है।

इनमें 3 जून को सत्यनारायण मीणा,21जून को बांरा जिले के किशनगंज निवासी संजय मीणा,23 जून को झालावाड़ जिले सुनेल गांव निवासी बगदीलाल,24 जून को झालावाड़ जिले के डग निवासी शेख हनीफ और 27 जून को कोटा के श्रीपुरा गांव निवसी मुरलीधर ने आत्महत्या है। इन सभी ने लहसुन का सही भाव नहीं मिलने और कर्ज नहीं चुका पाने के कारण आत्महत्या की। वहीं बांसवाड़ जिले के बागिदोरा निवासी किसान रूपलाल द्वारा भी बढ़ते कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। 

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