जयपुर, जेएनएन। पानीपत फिल्म में भरतपुर के महाराजा सूरजमल के गलत चित्रण किए जाने को लेकर चल रहे विरोध के मामले में फिल्म के निर्माता निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की ओर से सरकार और जाट समाज को जवाब भेजा गया है, लेकिन जाट समाज इस जवाब से संतुष्ट नहीं है और फिल्म का विरोध जारी है। इस बीच जाट समाज के लोगों ने बीती रात फिल्म का विशेष शो भी देखा, लेकिन संतुष्ट नहीं हुए।

आशुतोष गोवारीकर प्रोडक्शन हाउस की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि महाराजा सूरजमल नेशनल हीरो हैं। हमारी फिल्म में उनके किरदार को लेकर ऐसी कोई मंशा नहीं थी। हमने फिल्म के शुरूआत में डिसक्लेमर दिए हैं। महाराजा सूरजमल ने मराठाओं की मदद की। उन्हें राशन सामग्री सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल लंबे चैड़े थे इसलिए हमने उनके कद को ध्यान में रखते हुए उसी के अनुसार छह फीट लंबे एक्टर को चुना।

प्रोडक्शन हाउस के जवाब पर जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम मील ने कहा कि प्रोडक्शन हाउस के जवाब में कोई दम नहीं है। उन्होंने हमारी मांगों पर कोई जवाब नहीं दिया। उनके जवाब के आधार पर फिल्म नहीं चल सकती है। शुरूआत की पांच मिनट तो बिल्कुल देखने लायक नहीं है। फिल्म का विरोध अभी भी जारी है और राजस्थान के ज्यादातर सिनेमाघरों में फिल्म नहीं चल रही है।

गौरतलब है कि फिल्म में भरतपुर के महाराजा सूरजमल को एक लालची शासक के रूप में दिखाया गया है और इसे लेकर राजस्थान में जाट समाज ही नहीं बल्कि अन्य सभी समाजों का विरोध सामने आ रहा है। राजस्थान के सभी दलों के नेता भी फिल्म का विरोध कर रहे हैं और इसे बैन करने की मांग की जा रही है। हालाकि सरकार ने अभी इसे बैन करने के बारे में कोई निर्णय नहीं किया है। 

Posted By: Preeti jha

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