28 साल के युवा से चुनाव हारे पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल, राजस्थान के पंचायत चुनाव में दिखा 'Gen-Z' का असर
राजस्थान के पंचायत चुनाव में जेन-जी का प्रभाव दिखा, जहां राजसमंद के पिपलांत्री गांव में 28 वर्षीय नवीन पालीवाल ने पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल को 492 वोटों से हराया।

राजस्थान पंचायत चुनाव में Gen-Z का जलवा

समय कम है?
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नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान की राजनीति में जेन-जी के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक समीकरणों में बड़े बदलाव आ रहे हैं। प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव में युवा बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं।
युवाओं के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव के चुनाव परिणाम से लगाया जा सकता है। यहां पद्मश्री से सम्मानित सरपंच प्रत्याशी श्यामसुंदर पालीवाल को 28 वर्षीय नवीन पालीवाल ने 492 वोटों से पराजित कर दिया।
नवीन को 1348 वोट मिले हैं। पालीवाल और उनकी पत्नी अनिता पिपलांत्री के सरपंच रहे हैं। अनिता पालीवाल राजसमंद नगर परिषद की सभापति हैं। नवीन ने राजनीति में बढ़ते परिवारवाद को मुद्दा बनाया और पालीवाल को मात दे दी। पालीवाल को वर्ष 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
चुनाव हारने के बाद श्यामसुंदर पालीवाल ने बताया कि मैंने पारंपरिक तरीके से प्रचार किया, वहीं नवीन ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। युवाओं ने भी उसकी मदद की। मैं और मेरी पत्नी लगातार दो बार सरपंच रहे हैं। पत्नी के नगर परिषद सभापति बनने से भी कुछ लोगों में नाराजगी थी। चुनाव के दौरान मैं इस नाराजगी को समझ नहीं सका।
गांव में लगवा चुके हैं तीन लाख पौधे
वर्ष 2006 में अपनी बेटी किरण को खोने के बाद पालीवाल ने गांव में किसी भी परिवार में बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने और उसके भविष्य के 31 हजार रुपये की फिक्स डिपाजिट (एफडी) करवाने की अनूठी पहल की। एफडी में 21 हजार रुपये ग्रामीणों के सहयोग से एकत्रित किए जाते हैं।
वहीं 10 हजार बेटी के माता-पिता द्वारा दिए जाते हैं। पंचायत माता-पिता से बाल विवाह नहीं करने और अच्छी शिक्षा दिलवाने का शपथ पत्र भी लेती है। इसी मुहिम के तहत अब तक गांव में करीब तीन लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।