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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: आगरा में मृत सफाईकर्मी अरुण के परिजनों को सुरक्षा देगी गहलोत सरकार

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Fri, 22 Oct 2021 03:55 PM (IST)

Rajasthan यूपी के आगरा में मृत सफाईकर्मी अरुण के चार स्वजनों ने तकनीकी शिक्षामंत्री सुभाष गर्ग के साथ सीएम अशोक ...और पढ़ें

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। फाइल फोटो
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। फाइल फोटो

जयपुर, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश (यूपी) के आगरा में सफाईकर्मी अरुण वाल्मीकि की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई मौत की सियासत अब राजस्थान तक पहुंच गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मंशा के अनुरूप अशोक गहलोत सरकार मृतक अरुण के स्वजनों को सुरक्षा और आर्थिक मदद देगी। प्रियंका गांधी ने अरुण के कुछ स्वजनों को राजस्थान के भरतपुर से उठाकर आगरा पुलिस थाने में बंद करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि गहलोत सरकार पीड़ित परिवार की मदद करेगी। अरुण के कुछ स्वजन भरतपुर में रहते हैं। इसी बीच, अरुण के चार स्वजनों ने शुक्रवार को तकनीकी शिक्षामंत्री सुभाष गर्ग के साथ सीएम गहलोत से मुलाकात की। जयपुर हवाई अड्डे पर हुई मुलाकात के दौरान सीएम ने भरतपुर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई से बात कर मृतक के स्वजनों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए।

यूपी पुलिस पर आरोप लगाया

इससे पहले राजस्थान वाल्मीकि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक डंडोरिया अपने साथ मृतक अरुण के स्वजनों को लेकर सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी से मिलने पहुंचे। जोशी ने उन्हें आर्थिक मदद देने का वादा किया है। वहीं, अरुण को गिरफ्तार करने के लिए आगरा पुलिस द्वारा दी गई दबिश के मामले में भरतपुर शहर के अटलबंध पुलिस थाने के हेड कांस्टेबल अमीचंद को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमीचंद ने अरुण की गिरफ्तारी की सूचना जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई तक काफी देरी से पहुंचाई थी। लाइन हाजिर करने की कार्रवाई प्रियंका गांधी की मृतक के परिजनों से मुलाकात के बाद हुई है। इसी बीच, गर्ग ने आरोप लगाया कि मृतक के परिजनों को यूपी पुलिस जबरन अपने साथ ले गई थी और उन्हें चार दिन तक प्रताड़ित किया।

भरतपुर में है अरुण की ससुराल

अरुण का ससुराल भरतपुर में अनाह गेट के पास है। अरुण के ससुर अनिल वाल्मीकि ने बताया कि रविवार को रात 12 बजे आगरा पुलिस के करीब एक दर्जन जवान उसकी तलाशी के लिए भरतपुर आए थे। उस समय उनके घर में भजन-कीर्तन चल रहा था। अरुण की पत्नी सोनम पिछले 15 दिन से अपने मायके में ही थी। पुलिसकर्मियों ने भजन-कीर्तन बंद करा दिया और अरुण के बारे में पूछताछ की। अनिल ने पुलिसकर्मियों पर मौके पर मौजूद लोगों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिसकर्मी जबरन मुझे, सोनम और दो अन्य लोगों को अपने साथ आगरा लेकर गए थे। वहां हमें जगदीशपुर पुलिस थाने में रखा था। उल्लेखनीय है कि अरुण पर कथित रूप से 25 लाख रुपये की चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में मारपीट के आरोप पुलिसकर्मियों पर लगे हैं।