जयपुर, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने दशहरा के मौके पर पथ संचलन की अनुमति नहीं दी है। प्रतिवर्ष निकलने वाले पथ संचलन को इस बार कोरोना महामारी का हवाला देते हुए सरकार ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। इस मुद्दे पर भाजपा ने गहलोत सरकार को घेरते हुए कहा है कि कांग्रेस के तो सभी आयोजन को इजाजत दी जा रही है। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने एक बयान में कहा कि पिछले दिनों कांग्रेस ने जयपुर में कई प्रदर्शन किए। इनमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल हुए। उस समय सरकार को कोरोना गाइडलाइन की याद नहीं आई। अब आरएसएस प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी पथ संचलन करना चाहता है तो कोरोना गाइडलाइन का हवाला दिया जा रहा है। कांग्रेस सरकार इस मामले में राजनीति कर रही है।

जानें-किसने क्या कहा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि सरकार ने पूर्वाग्रह के कारण पथ संचलन की अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों अथवा जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। जयपुर में मुस्लिम समाज के एक धर्मगुरु की मौत पर जनाजे में कांग्रेस विधायक सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे, लेकिन उस समय सरकार ने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया थे, लेकिन अब पथ संचलन का मौका आया है तो गाइडलाइन का हवाला दिया जा रहा है। गौरतलब है कि सूबे में धार्मिक स्थलों के साथ ही शिक्षण संस्थानों के संचालन की सरकार ने इजाजत दे दी है। हालांकि, करणी माता का मंदिर नवरात्र में कुछ दिन के लिए बंद कर दिया गया था। उधर, राज्य सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस ने जो भी कार्यक्रम आयोजित किए, उनमें कोरोना गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा गया था। भाजपा कभी नियम की पालना नहीं करती है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra