जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में मौजूदा कांग्रेस सरकार अपनी घोषणाओं को अमली जामा पहनाने के लिए इन दिनों एक के बाद एक मंत्रिमंडलीय उप समितियां बना रही है। पिछले 15 दिन में पांच उप समितियां बना दी गई हैं। इन उप समितियों में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सुझाव के लिए गठित उपसमिति भी शामिल है।

राजस्थान में मौजूदा कांग्रेस सरकार को एक वर्ष का समय पूरा होने का आया है और अब सरकार अपने घोषषणा-पत्र और बजट में की गई घोषणाओं को पूरा करने में जुटी है। इसके लिए मंत्रिमंडल के मंत्रियों की उप समितियां गठित की जा रही हैं, ताकि घोषणाओं के क्रियान्वयन पर बेहतर ढंग से काम हो सके और सही ढंग से मॉनिटरिंग हो सके। इसके साथ ही कुछ समस्याओं पर सुझाव देने के लिए भी मंत्रियों की समितियां बनाई गई हैं। सरकार ने 25 नवंबर से नौ दिसंबर तक पांच मंत्रिमंडलीय उपसमितियों का गठन किया है। इससे पहले भी कुछ समितियां बनाई गई हैं, जिनमें पिछली सरकार के आखिरी छह माह की समीक्षा के लिए एक समिति है।

वहीं पंचायतों के पुनर्गठन के लिए भी एक समिति बनाई गई है, लेकिन पिछले 15 दिन में बनाई गई समितियां ज्यादातर सरकार की बजट और घोषणा-पत्र की घोषणाओं से संबंधित है। इन मंत्रियों के नाम सबसे ज्यादा समितियों में सरकार की ओर से पिछले 15 दिनों में बनाई गई पांच समितियों में से चार समितियों में तकनीकी शिक्षा और जनसंपर्क राज्यमंत्री सुभाष गर्ग का नाम है। गर्ग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सबसे नजदीकी लोगों में गिने जाते हैं, हालांकि ये विधायक राष्ट्रीय लोकदल के है।

इसी तरह चिकित्सा और जनसंपर्क मंत्री रघु शर्मा भी पांच में से चार समितियों में शामिल है। हालांकि इसके पीछे एक कारण यह भी है कि इन समितियों के विषषय भी उनके विभागों से जु़ड़े हैं। रघु शर्मा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते है। पार्टी में कई पदों पर रह चुके हैं। इनके अलावा बिजली और जलदाय मंत्री बीडी कल्ला तीन समितियों में है। कल्ला पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। एक बार प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं।

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Posted By: Sachin Mishra

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