जयपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन के बीच भारतमाला परियोजना कैंप गोडू के ठेकेदार तथा मजदूरों के कार्यस्थल से निकलने पर भारतमाला परियोजना के कैंप गोडू के प्रबंधक विपिन सिंह और ठेकेदार रामसेवक के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

बीकानेर में लॉकडाउन के दौरान प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में निर्देशित किया गया था कि कोई भी कंपनी या फॉर्म अपने कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान बिना अनुमति के मुख्यालय कैंप छोड़ने नहीं देगा। इसके बावजूद भारतमाला परियोजना के ठेकेदार रामसेवक सहित सात लोगों को सेरूणा पुलिस ने रायसर के पास उत्तर प्रदेश की ओर जाते पकड़ा।

जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम को डूंगरगढ़ से लौटते हुए रास्ते में यह सभी मजदूर पैदल जाते दिखे। गौतम ने उन्हें रोककर पूछा कि वे कहां जा रहे हैं। इस पर मजदूरों ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव पैदल जा रहे हैं। इसके बाद जिला कलेक्टर ने संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

तहसीलदार ने बताया कि ये सभी लोग भारतमाला परियोजना में कार्यरत थे। निषेधाज्ञा के तहत जारी आदेशों की अवहेलना करने पर बज्जू थाना अधिकारी को संबंधित के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत अभियोग चलाकर दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। इसके बाद थाना अधिकारी द्वारा भारतमाला परियोजना कैंप गोडू प्रबंधक तथा ठेकेदार के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। 

इस बीच, कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं के भोजन का संकट हो गया है। इसे देखते हुए जयपुर नगर निगम ने एक अनूठा अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब शहर के हर घर से इन बेजुबान पशुओं के लिए एक रोटी जाएगी।

नगर निगम के 600 वाहन प्रतिदिन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए पांच से छह लाख घरों में जाते हैं। अब ये वाहन रोटी भी एकत्रित करेंगे। नगर निगम प्राधिकारी व आयुक्त विजयपाल सिंह ने बताया कि प्रत्येक वाहन में दो बोरे लगाए गए हैं।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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