जागरण संवाददता, जयपुर। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए राजस्थान सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों व बच्चों के हाॅस्पिटल में चिकित्सा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं। इसी बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव निरंजन आर्य को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि तीसरी लहर से बचना है तो मुहर्रम, ओणम, गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी, दुर्गापूजा सहित अन्य त्योहारों पर भीड़ रोकनी होगी। टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ानी हागी। केंद्रीय स्वस्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने पत्र में कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अगर इन त्योहारों पर भीड़ जुटी तो यह कोरोना की तीसरी लहर के लिए सुपर स्प्रेडर साबित हो सकती है। पत्र में बताया गया कि नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने चेतावनी जारी की है कि कोरोना की तीसरी लहर अगस्त-सितंबर में आ सकती है। उन्होंने राज्य सरकार को कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाने और नए संक्रमित मिलने पर उसकी कांट्रेक्ट ट्रसिंग बेहतर तरह से करने के निर्देश दिए हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों के वैक्सीन लगाने के लिए कहा गया है, जिससे लोगों की इम्युनिटी मजबूत हो सके। उल्लेखनीय है कि राज्य में जांच दर में कमी आई है। मार्च से लेकर मई तक 63 हजार के करीब जांच प्रतिदिन हो रही थी, लेकिन अब करीब 35 हजार जांच हो रही है। 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका पर चिंता जताई है। गहलोत ने बुधवार को ट्वीट में लिखा कि विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमण के फैसले की स्थिति को जांचने का वैज्ञानिक पैमाना रिप्रोडक्टिव फैक्टर है। आर फैक्टर से पता पता चलता है कि एक संक्रमित मरीज कितने अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है। आर फैक्टर का एक से नीचे रहने पर वायरस का प्रसार धीमा माना जााता है। फिलहाल देश के आठ राज्यों में और केंद्र शासित प्रदेशों में यह यह आर फैक्टर 1.2 है। यह दिखाता है कि कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बीते दिनों में देशभर में मामलों की संख्या बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra