नरेंन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान सत्ता और संगठन में तालमेल कायम करने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर गुरुवार को जयपुर में हुई बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उप मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच एक बार फिर मतभेद खुलकर सामने आ गए। तीन दिन पहले सचिन पायलट की जानकारी के बिना बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर गहलोत ने पार्टी की आंतरिक राजनीति में खुद को मजबूत करने की कोशिश की थी। गहलोत इन छह विधायकों को मंत्री बनाना चाहते हैं। लेकिन गुरुवार को हुई बैठक में पायलट और उनके समर्थकों ने साफ कर दिया कि बसपा से आने वाले विधायकों को मंत्री नहीं बनाना चाहिए।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे की मौजूदगी में पायलट के खास पीसीसी उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत ने बसपा छोड़कर आने वाले विधायकों को मंत्री नहीं बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर होगा। वहीं, बैठक के बाद पायलट ने इशारों ही इशारों में साफ कहा कि ये विधायक बिना शर्त कांग्रेस में शामिल हुए हैं। मीडिया और हमारी पार्टी के नेता उन्हें नए आइडिया नहीं दें। विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर पायलट ने अविनाश पांडे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कोई मेरे मन में और इनके मन में क्या चल रहा है। इसकी बात नहीं करें।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष, अग्रिम संगठनों के अध्यक्ष व मंत्रियों की संयुक्त बैठक में पायलट ने बिना किसी पूर्व सहमति के प्रतिदिन मंत्रियों के कांग्रेस मुख्यालय में सुनवाई करने के लिए कह दिया। पायलट ने कहा कि इसके लिए पीसीसी रोस्टर तय करेगी कि किस दिन कौन सा मंत्री जन सुनवाई करेगा। पायलट के इस कदम से सीएम गहलोत थोड़े असहज हुए, लेकिन बैठक में मौजूद अन्य नेताओं की सहमति पर उन्होंने भी हामी भरी।

पांडे ने मतभेद ढकने की कोशिश की

अविनाश पांडे ने मीडिया में सत्ता और संगठन में किसी तरह का मतभेद होने से इन्कार किया। मतभेद ढकने की कोशिश करते हुए पांडे ने कहा कि पार्टी के अंदर अलग-अलग विचार होते हैं। यह किसी भी पार्टी के लिए अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि बैठक में सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल को लेकर बैठक हुई। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, राजनीति नियुक्तियां भी शीघ्र होगीं।

राजनीतिक नियुक्तियों व निकाय चुनाव को लेकर चर्चा हुई

बैठक में स्थानीय निकाय एवं सरकार में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई। खेल मंत्री अशोक चांदना ने राजनीतिक नियुक्तियां शीघ्र करने की बात कही तो अन्य नेताओं ने भी उनका समर्थन किया। नवंबर में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक में विचार-विमर्श किया गया। राज्य के स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने स्थानीय निकाय चुनाव में टिकट तय करने को लेकर जिलों में पर्यवेक्षक नहीं भेजने की बात कही। इस पर सभी नेताओं ने सहमति दी।

पायलट ने बताया कि प्रभारी मंत्री और संगठन के पदाधिकारी जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को देंगे। बैठक में सदस्यता अभियान को लेकर चर्चा हुई। पायलट ने बताया कि पार्टी ऑन लाइन सदस्यता अभियान चलाएगी। परंपरागत माध्यम से भी पूर्व की तरह सदस्यता अभियान चलेगा। बैठक में गांधी जयंती को लेकर आयोजित होने वाले कार्यक्रम तय किए गए।

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