जयपुर, [जागरण संवाददाता]।प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी के स्वच्छता अभियान का असर राजस्थान के कोटा जिले की महिलाओं में देखने को मिला है। कोटा के उम्मेदगंज गांव की महिलाओं ने निर्णय किया है कि जिस ससुराल में शौचालय नहीं है,वहीं की बहुंए मायके में दीपावली का त्यौंहार मनाएंगी ।

गांव के करीब एक सौ घरों में शौचालय नहीं होने से परेशान महिलाओं को शौच के लिए जंगल में जाना पड़ता है,अब इन घरों की महिलाओं ने अपने ससुराल वालों को चेतावनी दी है कि घर में शौचालय बनवाओं इसके बाद ही वे ससुराल में दीपावली का त्यौंहार मनाएंगी,नहीं तो गांव की बहुएं इस बार अपने-अपने मायके में दीपावली मनाएंगी । घरों में शौचालय बनवाने के लिए ससुराल वालों पर दबाव ड़ालने के सइ अभियान की शुरूआत गांव की ही महिला मधू के नेतृत्व में की गई । महिलाओं का कहना है कि शौचालय नहीं होने से उन्हे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । उन्हे शौच के लिए काफी दूर खुले जंगल में जाना पड़ता है । वे कई सालों से शौचालय बनवाने को लेकर अपने ससुराल वालों से आग्रह कर रही है,लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही । इसलिए अब ससुराल वालों के खिलाफ भावनात्मक आंदोलन छेड़ा है ।

प्रधानमंत्री नरेन्द् मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का ही यह असर है कि गांव की महिलाओं ने अब सालों से चल रही इस परेशानी के खिलाफ आवाज उठाई है । उम्मेदगंज गांव शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद अब तक ओडीएफ होने का इंतजार कर रहा ह,जबकि देश में कोचिंग हब के रूप में प्रसिद्ध कोटा जिले की 155 ग्राम पंचायतों में से 80 फीसदी ग्राम पंचायतें ओडीएफ घोषित हो चुकी है ।

 

Posted By: Preeti jha

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