संवाद सूत्र, जोधपुर। राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा पुलिस थाना में हिरासत में आरटीआइ कार्यकर्ता जगदीश गोलिया की मौत होने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाने का पूरा स्टाफ लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच-पड़ताल जारी है।

जानकारी के मुताबिक, जगदीश गोलिया का कोई परिवाद पचपदरा पुलिस थाने में लंबित था। इस मामले में जगदीश गोलिया पहले बालोतरा के डीएसपी सुभाष चंद्र खोजा से भी मिले थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के कारण वे सीधे पचपदरा थाने चले गए। पचपदरा थानाधिकारी सरोज चौधरी ने कथित तौर पर उन्हें धारा 151 (शांति भंग की आशंका) में हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में जगदीश गोलिया की मौत हो गई। गोलिया का शव राजकीय नाहटा अस्पताल बालोतरा की शवगृह में रखवाया गया है।

सूचना के अधिकार के लिए काम करने वाले अन्य लोगों के अनुसार, गोलिया के पास पुलिस से जुड़े कुछ संवेदनशील दस्तावेज थे। पुलिस पहले भी कई बार उन्हें जबरन उठाकर ले गई थी। इसी बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए पचपदरा थाने का पूरा स्टाफ को ही लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

पुलिस हिरासत में जगदीश गोलिया की मौत से जिलेभर में पूरा प्रशासन सतर्क है। मुख्यमंत्री कार्यालय को भी सूचना भेजी गई है। वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी तथा वीडियोग्राफी में पोस्टमार्टम होने की बात सामने आई है। घटना के बाद राज्य भर से आरटीआइ कार्यकर्ता बालोतरा पहुंच रहे हैं।

वहीं, इस घटना के बाद से जगदीश गोलिया के परिजनों में गांववालों में रोष है। लोगों में इस घटना के लिए पुलिस के प्रति भारी रोष है। वहीं, पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में कई और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं, इस मसले पर सरकार भी काफी गंभीर हो गई है। 

 राजस्थान की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Sachin Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस