जोधपुर, संवाद सूत्र। Sant Ravi Nath Suicide Case: जालोर में संत के साइड मामले में पुलिस में भीनमाल विधायक पूराराम चौधरी समेत 3 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पूरे मामले की जांच सीआईडी से करवाने की मांग भी मानी गई है जिसके बाद संत समाज का गतिरोध समाप्त हुआ है और महंत रविदास के पार्थिक देह को 35 से अधिक घंटो के बाद पेड़ से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। इधर लगातार वार्ता विफल होने के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच में झड़प के भी समाचार है जिसमें कि 2 पुलिसकर्मियों के चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है। तीन दौर की वार्ता के बाद गतिरोध टूटा और चौथे दौर की वार्ता में समझाइश के बाद सहमति बनी है।

हालांकि संत समर्थकों और संत समाज से जुड़े लोगों के साथ प्रशासन की 3 दौर की वार्ता विफल रहने के बाद जालौर जिले के जसवंतपुरा पुलिस थाने में भीनमाल विधायक पूराराम चौधरी उनके ड्राइवर के खिलाफ 306 की धारा में मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच सीआईडी से करवाने की मांग भी मान ली गई है।आश्रम में जाने के रास्ते को लेकर पूरा विवाद हुआ जिसमें संत रवि नाथ ने आश्रम में ही पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे हैं जिसे देखते हुए अतिरिक्त जाब्ता भी लगाया गया है।

मौके पर आसपास के गांवों के ग्रामीण और संत समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटे हैं संत समाज ने आरोप लगाया है कि विधायक ने आश्रम के आगे की जमीन पर रिजॉर्ट्स बनाने के लिए नीम खोद डाली है जिससे कि आश्रम में जाने का रास्ता ही ब्लॉक हो गया है इस विषय को लेकर संत रवि नाथ ने विधायक से बात भी की लेकिन विधायक ने उसकी एक न सुनी और आश्रम का मार्ग छोड़े बिना ही नीव को डाली थी इसी से आहत होकर साधु ने आश्रम में ही लगे पीपल के पेड़ पर लटक कर अपनी जान दे दी साधु ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है जो कि पुलिस के कब्जे में है। अंदेशा इस बात का भी लगाया जा रहा है कि सुसाइड नोट में विधायक और उसके साथ के लोगों का सीधा सीधा नाम लिखा गया है जिसको लेकर पुलिस मामला दबाने में जुटी है।

घटना जालोर के राजपुरा गांव में सुंधा माता मंदिर की तलहटी के पास गौरक्ष आदेश श्री बालाजी हनुमान मंदिर आश्रम की है। घटना की जानकारी मिलने पर जालौर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व प्रशासन के अधिकारी भी पहुचे। इस दौरान एक बार तनातनी भरा माहौल भी हुआ जिसमें वहां मौजूद लोगों के द्वारा पत्थरबाजी शुरू की गई थी जिसके बाद पुलिस ने स्थिति कंट्रोल में की है जिसमें कि 2 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी बात सामने आई है इसके बाद लगातार संत समाज से हो रही बातचीत के दौरान सभी मांगों पर सहमति बनने के साथ शव को पेड़ से उतारा गया है और आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra