जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में बीकानेर के नाल गांव में पिछले दिनों मिले लावारिस बम को गुरुवार सुबह नष्ट (डिस्पोज) किया गया। बम को नष्ट करने के दौरान तेज धमाका हुआ तो आसपास के गांवों के लोग सहम गए। इससे पहले चार जुलाई को भी ऐसे ही एक बम को नष्ट किया गया था। यह दोनों बम नाल गांव के पास मिट्टी में दबे हुए मिले थे। पिछले दिनों खेती कर रहे किसान को यह बम नजर आए थे। किसान ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की सूचना पर सेना का बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। जांच में पता चला कि कई साल पहले यहां महाजन फायरिंग रेंज में सेना युद्धाभ्यास करती थी। उसी दौरान के यह बम जमीन में दबे हुए हो सकते हैं। गुरुवार सुबह सेना के बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बम को नष्ट किया। एक गहरा गड्डा खोदकर उसमें बम रखा गया और फिर दूर से ही उसे नष्ट कर दिया गया। धमाके के साथ ही उठा मिट्टी का गुबार दूर से ही नजर आ रहा था। बम को नष्ट करने के दौरान हुई तेज आवाज काफी दूर तक सुनाई दी।

गौरतलब है कि राजस्थान में बीती रात बीकानेर से लगती भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 54 पैकेट नशीला पदार्थ किया बरामद किया है। मुस्तैद सीमा प्रहरियों ने मादक पदार्थ तस्करों के मंसूबो पर पानी फेरते हुए स्मगलिंग के एक नापाक प्रयास को विफल कर दिया है। इसे बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर का अब तक का सबसे बड़ा सीजर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि बीती रात इलाके में चली तेज आंधी और बारिश का फायदा उठा कर तस्कर भागने में सफल हो गए। मामला बीकानेर से लगती भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित खाजूवाला के सीमा चौकी बंडली के इलाके का है जहाँ ड्यूटी पर तैनात जवानों को तारबंदी के नजदीक कुछ हलचल दिखाई दी, जैसे ही सीमा प्रहरियों ने तस्करों को ललकारा व फायर किया तो अंधेरे व खराब मौसम का फायदा उठाते हुए वहां से भाग खड़े हुए। सीमा प्रहरियों की सजगता व बुलंद हौसलों के आगे तस्कर अपनी जान बचाते हुए मौके से भाग खड़े हुए।

Edited By: Sachin Kumar Mishra