यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bird Flu: राजस्थान के जोधपुर में प्रवासी पक्षी कुरजां में बर्ड फ्लू की पुष्टि
Bird Flu In Rajasthan जोधपुर जिले में आने वाले प्रवासी पक्षी कुरजां में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई। बीते ...और पढ़ें

जोधपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान के जोधपुर जिले में आने वाले प्रवासी पक्षी कुरजां में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई। बीते सप्ताह से अब तक जोधपुर जिले के कापरड़ा गांव के तालाब में 189 कुरजां की जान जा चुकी है। मरने वाले कुरजां के सैंपल को भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डीजीज इंडियन वेटेरीनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजवाया गया था, जहां से आई रिपोर्ट में ये एवीयन इंफ्लुएंजा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक ले बर्ड फ्लू से निपटने को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उपवन संरक्षक रमेश कुमार मालपानी ने बताया कि छह नवंबर को पहली बार प्रवासी पक्षी के शव मिलने की सूचना मिली थी, जिस पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम करवाने के बाद सैंपल भोपाल भेजवाया। वहां से आई रिपोर्ट के अनुसार, कापरड़ा में पाए गए मृत कुरजां पक्षी संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद अब केंद्र सरकार द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों की पालना के तहत मृत पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं, जिसकी पालना सुनिश्चित की जा रही है।
गौरतलब है कि जनवरी, 2021 में प्रदेश के 33 में से 15 जिलों में बर्ड फ्लू का प्रकोप फैला था। प्रदेश में 16 दिन में कुल 3321 पक्षियों की मौत हुई थी। इनमें सबसे अधिक 2551 कौए,189 मोर,190 कबूतर और 391 अन्य पक्षी शामिल हैं। 57 पक्षियों के सैंपल पाजिटिव मिले थे और 371 पक्षी मृत मिले थे। उधर, जयपुर के चिड़ियाघर में पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। यहां चार पक्षियों के मृत मिलने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। यहां तीन कामन डक और एक ब्लाक स्टार्क मृत अवस्था में मिले हैं। पक्षियों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सैंपल भोपाल स्थित लैब में जांच में के लिए भेजे गए। चिड़ियाघर में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया गया है। प्रदेश में अब तक सबसे अधिक 508 पक्षियों की मौत जयपुर में हुई है। पशुपालन विभाग ने प्रदेश में हो रही पक्षियों की मौत के मामले में मानिटरिंग की जिम्मेदारी पशुधन विकास बोर्ड के निदेशक भवानी सिंह राठौड़ को सौंपी है।
