राज्य ब्यूरो, जयपुर। Bakani police station. राजस्थान के झालावाड़ा जिले के बकानी थाने को देश के सर्वश्रेष्ठ 10 थानों में सातवां स्थान हासिल हुआ है। गृह मंत्रालय ने मौजूदा साल के लिए स्वतंत्र एवं विस्तृत सर्वे के उपरांत देश के 10 सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों का चयन किया है। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने इस उपलब्धि पर थानाधिकारी बकानी बलवीर सिंह समेत समस्त पुलिसकर्मियों को बधाई दी है।

महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एज्यूकेशन एंड रिर्सच में आयोजित हो रही तीन दिवसीय डीजीपी एवं आइजी कांफ्रेंस-2019 में शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने प्रथम तीन पुलिस थानों के प्रभारियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गृह मंत्रालय द्वारा भारत के सभी राज्यों के एससीआरबी (राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो) में उपलब्ध सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) डाटा के आधार पर आरंभ में देश के सर्वश्रेष्ठ 100 पुलिस थानों का चयन किया गया था। इसके बाद तीन चरणों में अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से गुप्त सर्वे कराकर दस सर्वश्रेष्ठ थानों को चुना गया है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 10 सर्वश्रेष्ठ थानों के चयन के लिए लगभग 50 बिंदुओं की प्रश्नावली निर्धारित की थी। साथ ही, गुप्त सर्वे में इस बात का खासतौर पर पता लगाया कि आम जनता में पुलिस की छवि कैसी है। पुलिस थानों का रख-रखाव, अनुशासन व रिकार्ड संरक्षण, पीडि़तों की संतुष्टि के साथ शिकायतों का शीघ्रता से निराकरण और बुनियादी सुविधाएं मसलन पेयजल, शौचालय व आगुंतकों के लिए बैठने की व्यवस्था इत्यादि की स्थिति क्या है। सर्वे के दौरान थाने की कार्यप्रणाली के बारे में कारोबारियों, समाज सेवियों एवं शासकीय सेवकों सहित समाज के सभी वगरें की राय भी जांच एजेंसियों द्वारा ली गई।

बकानी इसलिए आया सातवें नंबर पर

राजस्थान के झालावाड़ा जिले का बकानी कस्बा झालावाड़ा मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर है। यहां कस्बे के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र भी है। बकानी के थानाप्रभारी बलवीर सिंह ने बताया कि करीब 15 किलोमीटर का इलाका हमारे थाने में आता है और करीब 15-16 हजार की जनसंख्या है। थाने में आने वाले हर व्यक्ति की तुरंत सुनवाई की जाती है। रिपोर्ट दर्ज करने लायक मामला होता है तो रिपोर्ट दर्ज होती है, अन्यथा शिकायत ली जाती है।

बलवीर सिंह ने बताया कि लंबित मामले दस प्रतिशत से ज्यादा नहीं होने चाहिए, लेकिन हमारे थाने में हम इसे पांच प्रतिशत से ज्यादा नहीं होने देते। इसके अलावा रेस्पांस टाइम भी हमने बहुत कम रखा है। सूचना मिलने के बाद हमारी कोशिश अधिकतम पांच मिनट में मौके पर पहुंचने की होती है। दूरदराज के क्षेत्र में निकटतम गश्ती दल को भेजा जाता है। यह कारण है कि जनता के बीच भी छवि अच्छी है। सर्वे करने वालों ने आम जनता से भी थाने के बारे में रिपोर्ट ली थी और यह सकारात्मक रही है। थानें मंे 17 लोग कार्यरत हैं और अपने संसाधनों को हम बेहतर स्थिति में रखते हैं।

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Posted By: Sachin Mishra

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