जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर निशाना साधा। गहलोत ने सीकर में शनिवार को मीडिया से बात करते हुए इशारों में कहा कि शेखावत और पायलट सरकार गिराने के षड्यंत्र में मिले हुए थे। शेखावत को कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में नोटिस देने के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि शेखावत सरकार गिराने के प्रयास में मुख्य किरदार थे।

शेखावत ने कहा कि सबको मालूम है कि वे एक्सपोज (उजागर) हो गए थे। जब आपका (शेखावत) का आडियो आया, उसमें आवाज थी। दुनिया जानती है कि आवाज आपकी थी। आपने खुद सरकार गिराने का षड्यंत्र किया। अब आप पायलट का नाम लेकर कह रहे हो कि उन्होंने चूक कर दी। साबित हो गया, आपने बयान देकर साजिश पर ठप्पा लगा दिया। आप खुद उनके साथ मिले हुए थे।

आवाज का नमूना देने में तकलीफ क्या है

गहलोत ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। शेखावत को आवाज का नमूना देने का नोटिस देरी से दिया गया। वे बचते रहे, आखिर में कोर्ट से नोटिस दिया गया। उन्हें आवाज का नमूना देने में तकलीफ क्या है। गहलोत ने कहा कि मेरे ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ जो केस दर्ज करवाया है, वह उलटा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात है।

जानें, क्या कहा था शेखावत ने

उल्लेखनीय है कि शेखावत ने तीन दिन पहले जयपुर जिले के चौमू में एक सभा के दौरान कहा था कि पायलट 2020 में चूक गए, यदि मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह फैसला लिया होता तो 13 जिलों में पानी की समस्या दूर हो जाती । गहलोत के बयान से साफ हो गया कि कांग्रेस आलाकमान की कोशिश के बावजूद प्रदेश के नेताओं में खींचतान खत्म नहीं हुई है। गहलोत और पायलट के बीच खींचतान चरम पर है।

विधायकों ने एकजुटता दिखाई

सीकर जिले के कोठ्यारी गांव में पूर्व विधायक सांवरमल मोर की प्रतिमा के अनावरण समारोह में संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि हमारे साथ विधायकों ने इतिहास बनाया। मुझे गर्व है कि विधायकों ने एकजुटता दिखाई और भाजपा की कोशिश के बावजूद कांग्रेस की सरकार बच गई। सीएम ने कहा कि विधायक मुझसे जो मांग करते हैं, मैं वह देता हूं। विधायक मांगते-मांगते थक जाते हैं, लेकिन मैं देते-देते नहीं थकता हूं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में भय और अविश्वास का माहौल है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra