जयपुर, जागरण संवाददाता। पशु बलि पर रोक के बावजूद राजस्थान में चित्तौडगढ़ जिले के एक मंदिर में एक भैंसे की बलि देने का मामला सामने आया है। भैंसे की बलि देते वक्त बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। पशु बलि का मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर चेतन देवड़ा एवं पुलिस अधीक्षक अनिल कायल ने जांच के आदेश दिए है ।

जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला पुलिस थाना क्षेत्र में पहाड़ी पर स्थित चामुंडा माता मंदिर में सोमवार शाम को करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी में एक भैंसे की बलि दी गई। भैंसे की बलि देते समय स्थानीय सरपंच और उप प्रधान भी मौजूद थे,लेकिन परंपरा के चलते उन्होंने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया।

आकोला पुलिस थाना अधिकारी रमेश मीणा ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है,जांच में जो भी जिम्मेदार मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां मान्यता है कि मंदिर में बलि के बाद यदि सिर कटा हुआ भैंसा पहाड़ी से लुढ़कता हुआ नीचे आ जाता है तो अगले साल क्षेत्र में अच्छी बारिश और खेती होती है। इसके विपरित यदि भैंसा बीच में ही पहाड़ी पर अटक जाता है तो अच्छी बारिश और खराब खेती का संकेत माना जाता है ।

नवरात्रा में हर साल इस मंदिर में भैंसे की बलि देने की परंपरा काफी सालों से चली आ रही है,लेकिन पिछले दो साल से प्रशासन की सख्ती के कारण ऐसा नहीं हो सका था। इस बार सोमवार शाम को फिर भैंसे की बलि दी गई ।

 

Posted By: Preeti jha

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