जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में पिछली 4 विधानसभाओं में विधायकों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब नहीं मिल सकेंगे। राज्य विधानसभा सचिवालय ने करीब 3 हजार सवालों के जवाब नहीं आने पर उन्हे ड्राप (खत्म ) कर दिया है।

विधानसभा सचिवालय की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने भी 10वीं,11वीं,12वीं और 13वीं विधानसभा के सवाल ड्राप कर दिए है। विधानसभा के पुराने सदस्यों का कहना है कि राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल का कहना है कि ऐसे सवाल ही ड्राप किए गए है,जिनका अब कोई औचित्य नहीं बचा है।

कई सूचनाएं ऐसी है,जिन्हे अब कोई नहीं चाह रहा है,वर्तमान में 14वीं विधानसभा अस्तित्व में है। मेघवाल ने कहा कि काफी सोच-विचार के बाद ही सवालों को ड्राप करने का निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि 10वीं विधानसभा में भाजपा की सरकार थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व.भैरोंसिंह शेखावत थे। इसके बाद 11वीं विधानसभा में कांग्रेस की सरकार बनी और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने थे। 12वीं विधानसभा में वसुंधरा राज के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी और फिर 13वीं विधानसभा में अशोक गहलोत की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार बनी। वर्तमान 14वीं विधानसभा में भाजपा की सरकार है ।

विपक्ष ने कहा,निर्णय लोकतंत्र के विरूद्ध

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता दीपेन्द्र सिंह शेखावत का कहना है कि मेरे अध्यक्ष रहते हुए भी सरकारी अधिकारियों ने ऐसा प्रस्ताव दिया था,लेकिन मैने मानने से इंकार कर दिया था।

उस समय अधिकारियों ने कहा था कि सवाल लगाने वाले कई विधायकों का स्वर्गवास हो गया,लेकिन मैने कहा था कि सवाल का जवाब मिलना ही चाहिए अब ये सदन और आम लोगों के लिए आवश्यक है। कांग्रेस नेता और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि यह लोकतंत्र का गला घोंटने वाला कदम है।  

Posted By: Preeti jha