जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी ) के अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने साफ किया कि ना तो वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं और ना ही उनकी पार्टी के विलय का प्रस्ताव है। बेनीवाल ने कहा कि भाजपा में शामिल होकर मंत्रीपद लेने को लेकर राजनीतिक क्षेत्रों में चल रही चर्चा पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि वे अपनी अलग पार्टी के माध्यम से राजस्थान के किसानों और आम लोगों के लिए काम करते रहेंगे।

गुरूवार को दैनिक जागरण से बातचीत में बेनीवाल ने कहा कि बहुत कम समय में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने प्रदेश के किसानों व युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाई है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और किसानों के विश्वास के बल पर पार्टी बनते ही विधानसभा में तीन विधायक पहुंचे और वे खुद लोकसभा सदस्य बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी भी नई पार्टी के बनते ही इतने वोट मिले और तीन विधायक निर्वाचित हुए।

दरअसल,पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में यह चर्चा चल रही थी कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का भाजपा में विलय हो रह है और बेनीवाल केंद्र सरकार में मंत्री बन रहे हैं। बेनीवाल ने कहा कि किसी को मंत्री बनाना या नहीं बनाना यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। लेकिन वे किसी भी हालत में अपनी पार्टी का भाजपा में विलय नहीं करेंगे। लेकिन प्रदेश से कांग्रेस का सफाया करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी। प्रदेश में ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को फील्ड में लगा दिया गया जो जनता के काम करने के बजाय भ्रष्टाचार में अधिक विश्वास रखते हैं। ऐसे अधिकारियों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि मैने जोधपुर में मुख्यमंत्री गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को लोकसभा चुनाव में हरा दिया था, इस कारण मेरे निर्वाचन क्षेत्र नागौर में भ्रष्ट और नकारा अधिकारी लगाए गए हैं।

गुरूवार को जोधपुर यात्रा के दौरान बेनीवाल ने अपने समर्थकों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जोधपुर संभाग के सभी जिलों में पार्टी मजबूत है। जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर व पाली में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव में किसानों के लिए काम कर रहे हैं। बेनीवाल ने कहा कि निकट भविष्य में होने वाले पंचायत चुनाव पार्टी अपने दम पर लड़ेगी और अधिकांश सीटों पर सफलता हासिल करेगी। उल्लेखनीय है कि बेनीवाल पहले भाजपा में ही थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ मतभेद होने के कारण वे अलग हो गए, पहले निर्दलीय विधायक बने और फिर नई पार्टी बनाई । 

Posted By: Preeti jha

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