जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के दो दर्जन शहरों में भाजपा कार्यालयों के लिए आवंटित की गई जमीनों की जांच एक बार फिर शुरू की जा रही है। सत्ता बदलते ही मंत्रिमंडलीय समिति ने इन प्रकरणों की जांच की अब स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने विभागीय अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

दरअसल, पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने प्रदेश के दो दर्जन जिला मुख्यालयों पर भाजपा के कार्यालय बनाने के लिए जमीनों का आवंटन किया था। अब अधिकारी जमीन आंवटन की दर और आवंटित करते समय अपनाई गई प्रक्रिया सहित विभिन्न मुद्दों पर जांच कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार कुछ जिलों में जमीन आवंटन निरस्त करने पर भी विचार किया जा रहा है। धारीवाल ने वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल के अंतिम छह माह में जिन संस्थाओं को जमीन आवंटित की गई है,उनका ब्यौरा भी मांगा गया है। इनमें वेदमाता गायत्री ट्रस्ट को पुष्कर,राजस्थान विकास संस्थान को जोधपुर, सुपर स्पेशियिलिटी संस्थान को जोधपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन सेवा भारती को कोटा में जमीन का आवंटन किया था।

भीलवाड़ा में नगर सुधार न्यास ने डेढ़ दर्जन,कोटा में नगर सुधार न्यास ने एक दर्जन, जयपुर विकास प्राधिकरण ने शहर में खंडेलवाल समाज को सामुदायिक भवन बनाने के लिए जमीन का आवंटन किया था । प्राधिकरण ने जयपुर में ही रेबारी समाज को छात्रावास बनाने के जमीन आवंटित की थी। 

कांग्रेस नेताओं के नाम पर किया नामकरण

वसुंधरा सरकार की भामाशाह स्वास्थ्य योजना को बंद कर दिया । वहीं केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का नाम बदलकर आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना कर दिया । वहीं विजयाराजे सिंधिया स्वयं सहायता समूह योजना का नाम बदलकर प्रियदर्शिनी आदर्श स्वयं सहायता समूह योजना कर दिया गया । इस योजना के तहत महिला सशक्तिकरण के काम किए जाते हैं । पिछली वसुंधरा सरकार ने राजीव गांधी सेवा केंद्रों का नाम अटल सेवा केंद्र किया था । अब कांग्रेस की सरकार आई तो इन केंद्रों का नाम बदलकर राजीव गांधी अटल सेवा केंद्र कर दिया गया । वहीं डॉ.राधाकृष्णन शिक्षा संकुल का नाम बदलकर राजीव गांधी शिक्षा संकुल किया गया । सभी सरकारी दस्तावेजों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर हटा दी गई।

दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना का नाम मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना कर दिया गया। गुरू गोलवरकर ग्रामीण जनभागीदारी योजना का नाम अब महात्मा गांधी ग्रामीण जनभागिदारी योजना,मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी जल स्वावलंबन योजना। गांवों में सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण गौरव पथ की जगह विकास पथ नाम दिया गया। भामाशाह कार्ड की जगह राजस्थान जन आधार योजना  बना दी है। किसान राहत आयोग का नाम बदल कर कृषक कल्याण कोष कर दिया गया है। इनके अतिरिक्त कुछ अन्य छोटी योजनाओं के नाम अब तक बदले जा चुके हैं।

Posted By: Preeti jha

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