जागरण संवाददाता, जयपुर। Beating In Ajmer. गोतस्करी और मॉब लिंचिंग (उन्मादी हिंसा) के मामले में पूरे देश में बदनाम हो चुके राजस्थान के अलवर जिले में सोमवार को एक बार फिर इसी तरह की घटना हुई। अलवर जिले के न्याना गांव में गोवंश से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर मंदिर में घुस गई। इस हादसे में चार गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गईं। गंभीर रूप से घायल गायों को उपचार के लिए अलवर के पशु चिकित्सालय में ले जाया गया है। इस दौरान दो कथित गो तस्कर भी घायल हो गए।

गोविंदगढ़ पुलिस थाना अधिकारी के सज्जन सिंह के अनुसार, सोमवार सुबह करीब चार बजे यह घटना हुई। उन्होंने बताया कि गोवंश को गोकशी के लिए गोबिंदगढ़ से सीकरी होते हुए हरियाणा ले जाया जा रहा था। अचानक गोवंश का वाहन अनियंत्रित होकर एक सड़क किनारे बने मंदिर में घुस गया, जिसके बाद वाहन पलट गया। इससे मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन में सवार हरियाणा के नगीना पुलिस थाना क्षेत्र निवासी शकील व वहीद भी घायल हो गए। इसी बीच, ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई और दोनों लोगों के साथ मारपीट की। इसी बीच, सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों को भीड़ से छुड़वाकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों का अलवर के सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा है। उनके खिलाफ गोतस्करी एवं तेज गति से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे रविवार देर रात करीब दो बजे जयपुर से हरियाणा के लिए रवाना हुए थे। पुलिस ने मृतक गोवंश को दफना दिया।

सरकार ने बनाया अलग से पुलिस अधीक्षक कार्यालय

उल्लेखनीय है कि हरियाणा से सटे राजस्थान के अलवर जिले में लगभग प्रतिदिन गोतस्करी की घटनाएं होती रहती हैं। प्रदेश के अन्य इलाकों से तस्करी कर के लाए जाने वाले गोवंश को भी अलवर होकर हरियाणा ले जाया जाता है। राज्य सरकार ने गोतस्करी एवं अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए हरियाणा सीमा के निकट भिवाड़ी में अलग से पुलिस अधीक्षक का पद स्वीकृत कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है, लेकिन गोतस्करी की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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