जयपुर, जेएनएन। Statue Of Hanuman. राजस्थान के भीलवाड़ा शहर से 64 टन वजनी और 28 फुट लंबी हनुमानजी की प्रतिमा को तीर्थनगरी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में स्नान के लिए रवाना किया गया है। यह प्रतिमा भीलवाड़ा बाईपास स्थित हाथी भाटा आश्रम में स्थापित की जानी है। इस हनुमान प्रतिमा का निर्माण दो साल पहले दौसा जिले के सिकंदरा में कराया गया था। उसके बाद प्रतिमा को यहां लाया गया और अब प्राण-प्रतिष्ठा से पहले उसे गंगा स्नान कराने के लिए भीलवाड़ा से प्रयागराज ले जाया जा रहा है।

एक माह में पूरा होगा 2100 किमी का सफर

भीलवाड़ा से प्रयागराज जाने और फिर वापस आने का 2100 किलोमीटर का यह सफर एक माह पूरा होगा। हनुमानजी की इस प्रतिमा को ले जाने के लिए विशेष रूप से 28 पहियों वाले 60 फीट लंबे ट्रॉले का इंतजाम किया गया है। इस यात्रा में संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबू गिरी महाराज और करीब एक दर्जन से अधिक गाड़ियों का काफिला भी साथ-साथ चलेगा।

गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सभाओं में भगवान बजरंगबली को दलित, आदिवासी,वंचित और गिरवासी करार दिया था। योगी ने कहा था कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता है जो स्वयं वनवासी है,गिरवासी है, दलित और वंचित है। योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई थी। कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने योगी को घेरा। वहीं, सर्व ब्राह्मण  महासभा ने हनुमान जी को जातियों में बांटने का आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथ को कानूनी नोटिस भेजा था।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत एवं यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा था कि भाजपा के पास अब कोई मुद्दे नहीं बचे,इसलिए अब भगवान हनुमानजी के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। गहलोत ने कहा कि भाजपा बौखला गई है। केवल चुनाव के समय राम मंदिर याद आता है और अब हनुमानजी याद आ गए। हार के भय से योगी आदित्यनाथ ने हनुमानजी को जाति में बांटने तक का प्रयास किया है। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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