जागरण संवाददाता, गोइंदवाल साहिब : नशा न मिलने से परेशान दो दोस्तों ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों की पहचान गांव ख्वासपुर निवासी युवक पिंदर सिंह और गांव फतेहबाद निवासी हरदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों के शव पिंदर के घर पर टूटी छत वाले कमरे में लटकते मिले। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो हरदीप सिंह की बाजू पर किसी नुकीली वस्तु से 'कंवल' नाम उकेरा हुआ था, जिससे खून भी निकला हुआ था। मृतकों के परिजनों ने बताया कि दोनों ही नशा करने के आदि थे। दो दिन से नशा न मिलने के कारण काफी परेशान भी थे।

थाना गोइंदवाल साहिब के गांव ख्वासपुर निवासी पिंदर सिंह के मां-बाप की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। वह अकेला ही अपने घर में रहता था। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था। मेहनत मजदूरी करता था। उसकी दोस्ती पड़ोसी गांव फतेहबाद निवासी हरदीप सिंह के साथ हो गई। दोनों एक साथ नशा करने लगे। हरदीप सिंह का परिवार नशा करने पर विरोध करता था। बेटे को नशे की लत से निकालना चाहते थे, परंतु दोनों की दोस्ती ईलाज में बाधा बनती रही। मंगलवार को हरदीप अपने घर से पिंदर सिंह के घर चला गया, लेकिन वापिस नहीं लौटा। बुधवार को खबर मिली कि दोनों ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।

गांव निवासी सुखविंदर सिंह, देवदास, दिलबाग सिंह, दलबीर सिंह ने बताया कि पिंदर सिंह अपने घर में अकेला रहता था। कमरे की छत टूटी हुई थी। पड़ोस रहते परिवार ने छत से झांककर देखा तो लोहे के गार्डर से दोनों के शव लटक रहे थे। हरदीप के पिता सुखदेव सिंह, दादा मंगल सिंह ने बताया कि नशा न मिलने के कारण कई दिनों से दोनों परेशान थे। उन्होंने कई बार उन्हें समझाया भी, लेकिन वह नशे की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुके थे।

हरदीप की बाजू पर नुकीली वस्तु से लिखा था 'कंवल'

मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शवों को नीचे उतारा तो हरदीप सिंह की बाजू पर नुकीली वस्तु से 'कंवल' नाम लिखा हुआ था। उक्त नाम ताजा ही लिखा होने कारण बाजू से खून भी बह रहा था। थाना गोइंदवाल के प्रभारी सुखराज सिंह ने बताया कि कंवल नाम किसका था, यह जांच के बाद पता चलेगा। फिलहाल परिवार के सदस्यों के बयान पर धारा 174 तहत कार्रवाई की जा रही है।

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