जासं, तरनतारन: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव के मौके तीनों कृषि कानून रद करने के किए गए एलान पर बेशक किसान और मजदूर संगठनों ने खुशी जताई है। मगर वे राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव उस्मा के टोल प्लाजा से किसान अभी धरना उठाने के लिए तैयार नहीं है। किसानों का कहना है कि तीनों कृषि कानून देश की संसद में अभी रद होने हैं। इतना ही नहीं फसलों की खरीद के लिए एमएसपी का कानून बनना भी बाकी है। ऐसे में वे तब तक डटे रहेंगे।

जम्मू-कश्मीर राजस्थान राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव उस्मा के टोल प्लाजा पर चार अक्टूबर से किसान-मजदूर संगठनों का धरना चल रहा है। धरने में बैठे किसानों-मजदूरों की संख्या कम है, लेकिन टोल प्लाजा कंपनी को इससे रोज 13 से 14 लाख का घाटा हो रहा है। इस टोल प्लाजा से रोजाना सात हजार के करीब गाडि़यां गुजरती हैं। टोल प्लाजा पर किसानों के धरने के कारण कंपनी को लगातार घाटा सहन करना पड़ रहा है। हालांकि कंपनी ने स्टाफ में कटौती की है। किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू, महासचिव सरवण सिंह पंधेर, प्रेस सचिव जसबीर सिंह पिद्दी, हरप्रीत सिंह सिधवां, तेजिदरपाल सिंह राजू रसूलपुर कहते हैं कि 750 के करीब किसानों और मजदूरों की आंदोलन दौरान जान गई है। प्रधानमंत्री नरिदर मोदी द्वारा अभी तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की गई है। संसद के सत्र दौरान पार्लियामेंट में तीनों कृषि कानून रद्द होने बाकी है। उन्होंने कहा कि फसलों की खरीद लिए एमएसपी का कानून बनना अभी बाकी है। ये कानून बनते ही धरना समाप्त कर दिया जाएगा।

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