जासं, तरनतारन: पाक की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की ओर से राज्य में बड़े आतंकी हमले करवाने के लिए प्लान बनाया गया है। इसके मद्देनजर डीजीपी ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकस करते हुए कहा कि राज्य में ड्रोन के माध्यम से असलहा, मादक पदार्थ, विस्फोटक सामग्री भेजने के लिए तैयारी की गई हैं। ऐसे में सीमावर्ती जिलों के एसएसपी को भी चौकसी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।

भारत-पाक सीमा के माध्यम से ढाई माह के दौरान छह टिफिन बमों के अलावा बड़े स्तर पर विस्फोटक सामग्री, असलहा और नशे की खेप बरामद की गई हैं। ये सब कुछ ड्रोन के माध्यम से पंजाब में पहुंचाया गया था। पाकिस्तान में शरण लिए बैठे इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आइएसवाइएफ) के मुखी लखमीर सिंह रोडे द्वारा पंजाब में भेजे गए असलहे और टिफिन बमों समेत कई आतंकियों को पुलिस द्वारा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं। सीमावर्ती जिला तरनतारन की बात करें तो इस क्षेत्र से संबंधित कई आतंकी नेटवर्कों को पहले ही बेपर्दा करने में कामयाबी प्राप्त की गई हैं। परंतु अभी भी आतंकियों का नेटवर्क टूटा नहीं हैं। इसे तोड़ने के लिए डीजीपी इकबालप्रीत सिंह सहोता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम बनाई गई है। उनकी जांच में सामने आया है कि त्योहारों के दिनों में पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश तैयार की गई है। यहां तक कि पूर्व आतंकियों, नशा तस्करों व गैंगस्टरों का गठजोड़ भी काम करता सामने आ चुका हैं। सूत्रों की मानें तो 22 अगस्त की रात को खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) से संबंधित तीन आतंकियों कंवरपाल सिंह, कुलविदर सिंह, कमलप्रीत सिंह से पूछताछ के दौरान सुराग मिले थे कि पंजाब के शहरों में बड़ी वारदातों को अंजाम देने लिए जर्मनी व अन्य देशों से राशि भी भेजी जा रही हैं।

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