यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tarn Taran News: हथियारखाने से कारबाइन गुमशुदगी मामले में एएसआइ के खिलाफ केस दर्ज
थाना सदर के मालखाने से कारबाइन लापता होने के मामले में थाना सदर की पुलिस ने ट्रैफिक विंग में तैनात ...और पढ़ें

तरनतारन, जागरण संवाददाता : थाना सदर के मालखाने से कारबाइन लापता होने के मामले में थाना सदर की पुलिस ने ट्रैफिक विंग में तैनात एएसआइ कुलविंदरपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा एसपी (आइ) विशालजीत सिंह के बयानों पर दर्ज किया गया। एएसआइ कुलविंदरपाल सिंह (बैलेट नंबर-1599) 10 नवंबर 2011 से लेकर 16 दिसंबर 2016 तक थाना सदर में बतौर मुंशी तैनात था।
एएसआइ ने की मालखाने की जांच
एएसआइ कुलविंदरपाल सिंह के तबादले के बाद आरमोर के तौर पर तैनात एएसआइ शीतल सिंह (जिले भर के असलहा खाने के इंचार्ज) ने थाना सदर के मालखाने की जांच की। जांच दौरान एएसआइ शीतल सिंह ने पाया कि 9 एमएम की कारबाइन नंबर- 15434758 (बट्ट नंबर-195) गायब थी। इस बाबत एएसआइ शीतल सिंह ने उच्च अधिकारियों को शिकायत की। लिखित शिकायत की जांच में एएसआइ कुलविंदरपाल सिंह (अब ट्रैफिक विंग में पोस्टड) को भी शामिल किया गया।
एएसआइ कुलविंदरपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया
डीजीपी कार्यालय द्वारा तरनतारन से एसएसपी से रिपोर्ट मांगी गई। एसएसपी ने एसपी (इंवेस्टीगेशन) विशालजीत सिंह की ड्यूटी लगाई। एसपी विशालजीत सिंह ने जांच रिपोर्ट नंबर-2664 में एएसआइ कुलविंदरपाल सिंह को आरोपित करार दिया। जिसके आधार पर सोमवार की रात को थाना सदर में एएसआइ कुलविंदरपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुरचरण सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपित की अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
कोर्ट पहुंचा मामला
हथियारखाने से गायब हुआ 0.30एम1 कार्बाइन का मामला अब उच्च न्यायलय में पहुंच गया है। उच्च न्यायलय ने भी हथियार गायब होने पर हैरानी जताई है। HC के जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने दलजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि राज्य के थानों में जमा करवाए गए हथियारों और लापता हुए हथियारों का विवरण पेश किया जाए।
