जागरण संवाददाता, तरनतारन : गांव कोटली सरू खां के गुरुद्वारा साहिब में दाखिल होकर 8 वर्ष की मंदबुद्धि बच्ची ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी की गई। हलांकि यह घटना तीन दिन पहले की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस को तो की है, लेकिन वे ये नहीं चाहते मामला तूल पकड़े।

बताया जा रहा है कि थाना वैरोवाल के गांव कोटली सरू खां के गुरुद्वारा साहिब में दोपहर के समय करीब 8 वर्षीय बच्ची दाखिल हुई। और उसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश हुए पावन स्वरूप के 32 पन्ने फाड़ दिए। इस घटना के बाद मंदबुद्धि बच्ची गुरुद्वारा साहिब से वापिस लौट गई। शाम को रहिरास साहिब के समय जब ग्रंथी बलदेव सिंह गुरुद्वारा साहिब पहुंचा और देखा कि पावन स्वरूप के पन्ने फटे हुए हैं। ग्रंथी ने इसकी जानकारी पंचायत और ग्रामीणों को दी। जिसके बाद गुरुद्वारा साहिब में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई। फुटेज में मालूम हुआ कि उक्त बच्ची गांव की है। उसी समय इसकी जानकारी थाना वैरोवाल पुलिस को दी गई। बेअदबी की इस घटना पर ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई से यह कहते हुए मना कर दिया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पन्ने फाड़ने वाली बच्ची मंदबुद्धि है।

उधर बच्ची के परिजनों ने भी सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले एसजीपीसी की टीम ने भी गुरुद्वारा साहिब का जायजा लेते हालात की रिपोर्ट ली थी। गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी बलदेव सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने एसजीपीसी की टीम को मामले की पूरी जानकारी दे दी है। बच्ची के मंदबुद्धि होने कारण कोई भी कानूनी कार्रवाई न करने का फैसला लिया गया। थाना प्रभारी गुरमिंदर सिंह ने कहा कि मंदबुद्धि बच्ची को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के जो पन्ने फाड़े गए हैं उसके पीछे उसका कोई गलत इरादा नहीं था, जिस कारण किसी पुलिस को कोई बयान दर्ज नहीं करवाया है। हालांकि इस बाबत रोजामचे में कार्रवाई लिखित तौर पर ला दी गई है। फोटो-

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