धर्मबीर सिंह मल्हार, महमूदपुरा (तरनतारन): प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार खेमकरण विधानसभा हलके में पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू की आमद को लेकर किसानों द्वारा कस्बा भिखीविड में धरना लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा था। परंतु सिद्धू धरनाकारी किसानों को चकमा देते हुए रास्ता बदलकर वाया पट्टी खेमकरण के विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर के गांव महमूदपुरा पहुंच गए। रास्ते में सुरसिंह, अलगोकोंठी में गर्मी में डटे किसान उनकी राह देखते रह गए।

पहले उन्होंने विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर के आवास पर उनके पिता पूर्व मंत्री गुरचेत सिंह भुल्लर और बड़े भाई अनूप सिंह भुल्लर के साथ 20 मिनट तक बैठक की। फिर वह पंडाल में पहुंचे। इस दौरान पूर्व मंत्री गुरचेत सिंह भुल्लर ने संबोधित करते हुए कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू आने वाले समय के मुख्यमंत्री हैं। इनकी अगुआई में कांग्रेस दिन-दोगुणी रात चोगुनी तरक्की करेगी। भुल्लर अपना भाषण समाप्त करने लगे थे कि मंच पर खड़े होकर सिद्धू ने दोनों हाथ जोड़कर वर्करों का धन्यवाद करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक-एक वर्कर मेरी पगड़ी का लड़ है। सिद्धू का यह संदेश पूर्व मंत्री भुल्लर ने मंच पर दोहराया। इसके बाद सिद्धू ने मंच पर भाषण तो नहीं दिया। हालांकि यह जरूर कहा कि वह जब अगली बार आएंगे तो जरूर खुलकर बात करेंगे। बुलारिया बोले, फफ्फेकुटनी से कम नहीं मजीठिया, सरेआम पीटा जाएगा

विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया ने मंच पर बेबाकी से भाषण दिया। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और विरसा सिंह वल्टोहा पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। इतना ही नहीं विधायक बुलारिया ने पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के विरुद्ध टिप्पणी करते हुए कहा कि वह किसी फफ्फेकुटनी से कम नहीं हैं। बोले, पंजाबी में एक गीत है 'सस्स कुट्टंनी, कुट्टनी संदूकां ओहले', परंतु अब समय आ चुका है, फफ्फेकुटनी को सरेआम पीटा जाएगा। अपनी ही सरकार पर साधा निशाना

सिद्धू के प्रधान बनने पर वर्करों में साढ़े चार साल पहले वाला जोश आ गया

हलका विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही वर्करों में वही जोश पैदा हो गया है, जो साढ़े चार वर्ष पहले था। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह का नाम लिए कहा कि हमारी नाकामी और नालायकी के कारण कांग्रेस का वर्कर निराश हो गया था, परंतु दिल्ली हाईकमान के लिए फैसले ने कांग्रेस वर्करों में दोबारा जान डाल दी है। कांग्रेस का एक-एक वर्कर सिर पर कफन बांधकर पंजाब को बचाने के लिए नवजोत सिद्धू की अगुआई में एकजुट हो चुका है। भुल्लर ने कृषि सुधार कानूनों को रद करने की मांग करते हुए कहा कि मैं त्यागपत्र देने लिए तैयार हूं, परंतु किसानों का मसला हल होना चाहिए। भुल्लर ने कहा कि अब जल्द ही दोबारा नवजोत सिद्धू जब खेमकरण में आएंगे तो वह चौके भी लगाएंगे और छक्के भी। ये लोग कार्यक्रम में पहुंचे

कार्यक्रम में अनूप सिंह भुल्लर, चेयरमैन रजवंत सिंह, गुरबाज सिंह गिल काजीकोट, इंद्रबीर सिंह पहूविड, सुखजिदर सिंह हुंदल, हरजिदर सिंह, सतिदर सिंह, सिमरनजीत सिंह भैणी, गुरविदर सिंह, बलबीर सिंह, महाबीर सिंह, जगदीप सिंह डलीरी, इंद्र संधू, आकाशदीप सिंह, जोबनजीत सिंह माहला, अजयपाल सिंह, रेशम सिंह नवादा, सतनाम सिंह, चान्नण सिंह बासरके, सुखबीर सिंह यूएसए, राजिदर शर्मा बब्बू, बलविदर सिंह अलगों, सतनाम सिंह, प्रीतम सिंह भुल्लर, सुखराज सिंह मौजूद थे। किसान बोले, दिल्ली में धरना दे रहे पर कांग्रेसी चुनाव में जुटे

भिखीविड चौक में जम्हूरी किसान सभा, किसान संघर्ष कमेटी की ओर से गुरसाहिब सिंह पहूविड, चमन लाल दराजके, दलजीत सिंह दयालपुरा की अगुआई में किसानों ने धरना देते हुए कहा कि चुनावों में आठ माह का समय है, परंतु कांग्रेस नेता अभी से इसके लिए बैठकें करने लगे हैं। इन नेताओं को दिल्ली में सात माह से धरना दे रहे किसानों के दर्द से कोई लेना-देना नहीं है। मौके पर डीएसपी राजबीर सिंह ने धरनाकारी किसानों को समझाने का प्रयत्न किया, परंतु किसान धरना उठाने के लिए रजामंद नहीं हुए।