धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन : शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पार्टी का कलचर चेंज करते हुए माड्रेट ढंग अपनाते हुए विस चुनाव से छह माह पहले ही प्रत्याशियों की सूची जारी करते हुए बाकी सियासी पार्टियों को घेरने का प्रयास किया है। सोमवार को शिअद द्वारा कुल 64 प्रत्याशियों की जारी की गई सूची में विधान सभा हलका पट्टी की चर्चित सीट भी शामिल है। जिला तरनतारन से संबंधित विस हलका पट्टी एक ऐसी सीट है। यहां से आदेश प्रताप सिंह कैरों को छठीं बार मैदान में उतारा गया है। हालांकि कैरों के आगे मौजूदा विधायक हरमिदर सिंह गिल किसी चुनौती से कम नहीं है।

वर्ष 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने दामाद आदेश प्रताप सिंह कैरों को शिअद में शामिल करके पहली बार पट्टी से मैदान में उतारा था। कैरों ने उस समय रिकार्डतोड़ मतों से जीत दर्ज करवाई और बादल की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे। वर्ष 2002 में दूसरी बार कैरों ने जीत तो दर्ज करवाई, परंतु राज्य में कैप्टन अमरिदर सिंह की सरकार बनी। वर्ष 2007 में कैरों ने जीत की तिकड़म बनाते कैबिनेट में मंत्री की कुर्सी प्राप्त की। जबकि चौथी बार वर्ष 2012 में जीत दर्ज करवाते वह बादल की सरकार में तीसरी बार कैबिनेट मंत्री बने थे। तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे कैरों को 2017 के चुनाव में कांग्रेस के हरमिदर सिंह गिल ने मात दी। वर्ष 2022 के होने वाले चुनाव के मद्देनजर पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कैरों पर छठीं बार दाव लगाते उनको पट्टी हलके से टिकट दी है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दामाद आदेश प्रताप सिंह कैरों समक्ष कांग्रेस के मौजूदा विधायक किसी चुनौती से कम नहीं है। गिल हलके में लगातार रहते है। हालांकि पूर्व मंत्री कैरों अपने हलके में बहुत कम नजर आते है। खेमकरण से भी टिकट पर कैरों परिवार जता रहा दावा

गौर हो कि कैरों यहां पट्टी से टिकट के अकेले दावेदार थे। वहीं विधानसभा हलका खेमकरण की टिकट पर भी कैरों परिवार द्वारा दावा जताया जा रहा है। हालांकि पार्टी द्वारा विरसा सिंह वल्टोहा को प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है। परंतु कैरों के सियासी सलाहकार गुरमुख सिंह घुल्ला ने दावा किया कि खेमकरण से कैरों परिवार का सदस्य ही चुनाव लड़ेगा।

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