तरनतारन, जेएनएन। एक सप्ताह से दिल्ली के सिंघु बार्डर पर धरना दे रहे किसान मंगल सिंह (31) निवासी गांव नदोहर की मौत हो गई। एक एकड़ जमीन के मालिक मंगल सिंह को सोमवार की रात को हार्ट अटैक हुआ था, इलाज के लिए उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में मंगलवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। किसान संघर्ष कमेटी (कोटबुड्ढा) से संबंधित मंगल सिंह का शव मंगलवार देर रात गांव पहुंचेगा। बुधवार को गांव में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

विधानसभा हलका पट्टी के गांव नदोहर निवासी बलवीर सिंह का पुत्र मंगल सिंह 14 फरवरी से दिल्ली के सिंघु बार्डर पर किसानों के धरने में शामिल था। उसके पिता बलवीर सिंह व मां सुरिंदर कौर की तीन वर्ष पहले मौत हो चुकी है। विवाह के बाद मंगल की पत्नी भी कुछ माह बाद मायके लौट गई थी। किसान संघर्ष कमेटी कोटबुड्ढा के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह कोटबुड्ढा ने कहा कि किसान के परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद व परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए।

इससे पहले 17 फरवरी को भी दिल्ली आंदोलन से लौटे कस्बा भिखीविंड के गांव कलसिया कलां निवासी किसान प्रताप सिंह (58) की तबीयत खराब होने से मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने रात को ही भिखीविंड चौक में शव रखकर पूरी रात प्रशासन के खिलाफ धरना दिया था। मृतक प्रताप 13 फरवरी को किसान संघर्ष कमेटी (पन्नू ग्रुप) के अध्यक्ष तरसेम सिंह के साथ दिल्ली गए थे। वहां पर ठंड लगने के कारण उसकी तबीयत खराब हो गई थी। 17 फरवरी को प्रताप की मौत हो गई थी। मृतक के परिवार वालों ने रात को ही भिखीविंड चौक पर शव रखकर धरना दिया था। यह 19 फरवरी सुबह करीब 11 बजे तक करीब साढ़े 13 घंटे धरना चला था।

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Edited By: Rohit Kumar