यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रिश्वतखोर कांस्टेबलों और तस्कर भाइयों को भेजा जेल
रिश्वत लेने वाले स्पेशल सेल के दो कांस्टेबलों व दो तस्कर भाइयों का पांच दिन का पुलिस रिमांड खत्म हो गया।

जासं, तरनतारन : रिश्वत लेने वाले स्पेशल सेल के दो कांस्टेबलों अर्शदीप सिंह और अरपिदरजीत सिंह व दो तस्कर भाइयों रणजीत सिंह उर्फ राणा और जसपाल सिंह उर्फ जस्सी निवासी गांव भिट्टेविड (अमृतसर) का पांच दिन का पुलिस रिमांड खत्म हो गया। वीरवार को सीजेएम राजेश आहलूवालिया की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि चारों से पूछताछ के बावजूद पुलिस के हाथ खाली ही रहे। न तो 40 लाख की राशि बरामद हो पाई और न ही पता चल पाया कि आखिर 21 किलो अफीम की खेप कहां गई। इन्होंने दो तस्करों को रिश्वत लेकर छोड़ दिया था और अफीम अपने पास रख ली थी। छह नवंबर को सब डिवीजन तरनतारन के डीएसपी बरजिदर सिंह ने थाना सिटी में मुकदमा दर्ज करवाते कहा था कि 20 अगस्त को स्पेशल सेल में तैनात हेड कांस्टेबलों सुखविदर सिंह, मलकीत सिंह, कांस्टेबलों अर्शदीप सिंह और अरपिदरजीत सिंह ने अमृतसर के गांव भिट्टेविड निवासी दो तस्कर भाइयों रंजीत सिंह उर्फ राणा और जसपाल सिंह उर्फ जस्सी को 21 किलो अफीम सहित काबू किया था। बाद में चारों आरोपितों ने उक्त तस्करों से 40 लाख की रिश्वत लेते छोड़ दिया था। बरामद की अफीम भी अपने पास रख ली थी। इस मामले में छह नवंबर को मुकदमा दर्ज करके आरोपित दो कांस्टेबलों अर्शदीप सिंह और अरपिदरजीत सिंह को गिरफ्तार किया था, जिन्हें अदालत में पेश करके पांच दिन के रिमांड पर लिया था जबकि तस्करों रंजीत सिंह उर्फ राणा और जसपाल सिंह उर्फ जस्सी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई। चारों से पूछताछ के बावजूद पुलिस के हाथ खाली ही रहे। न तो 40 लाख की राशि बरामद हो पाई और न ही पता चल पाया कि आखिर 21 किलो अफीम की खेप कहां गई।
