तरनतारन में एएसआई इकबाल सिंह हत्याकांड: पुलिस ने बरामद की बाइक, हिरासत में 3 संदिग्ध
तरनतारन पुलिस ने एएसआई इकबाल सिंह हत्याकांड में इस्तेमाल बाइक बरामद कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, हालांकि शूटरों का सुराग नहीं मिला है।

एएसआई की हत्या में इस्तेमाल बाइक बरामद, तीन राउंडअप।
HighLights
एएसआई इकबाल सिंह हत्याकांड में बाइक बरामद, तीन संदिग्ध हिरासत में
एक माह पहले भतीजे अजमीत सिंह की भी हत्या हुई थी
इकबाल सिंह को विदेशी नंबरों से धमकियां मिली थीं
जागरण संवाददाता, तरनतारन। फिरोजपुर जिले के मल्लांवाला क्षेत्र में तैनात एएसआई इकबाल सिंह की हत्या के मामले में तरनतारन पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली है। पुलिस ने मोबाइल टावर डंप के आधार पर तीन संदिग्धों को भी राउंडअप कर पूछताछ शुरू कर दी है।
सोमवार को दिन भर पुलिस ने करीब 82 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शूटरों का सुराग नहीं लग पाया। वारदात के समय इकबाल सिंह की पत्नी दर्शन कौर भी उनके साथ थीं। ड्यूटी से घर लौटते समय दोनों नौशहरा पन्नुआं अड्डे पर मिले और करीब 15 मिनट तक बाजार में खरीदारी की। इसके बाद दोनों घर की तरफ रवाना हुए।
इकबाल सिंह बाइक पर आगे चल रहे थे, जबकि दर्शन कौर कुछ दूरी पर स्कूटी से आ रही थी। इसी दौरान दूसरी बाइक पर सवार दो नकाबपोश शूटर उनके करीब पहुंचे और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। दर्शन के सामने इकबाल सिंह की छाती में चार गोलियां मारीं, जो आरपार हो गईं।
एक माह में पुलिस में तैनात चाचा-भतीजे की हत्या
पंजाब पुलिस में तैनात एएसआई जगदीप सिंह ने बताया कि 11 सितंबर की रात उनके भतीजे अजमीत सिंह की बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। अब ठीक एक महीने बाद 11 अक्टूबर को उनके बड़े भाई इकबाल सिंह को भी निशाना बनाया गया। जगदीप सिंह के मुताबिक, दिसंबर 2022 में सरहाली थाने पर हुए आरपीजी हमले के मुख्य साजिशकर्ता अजमीत सिंह का आपराधिक दुनिया से संबंध था, लेकिन उनके परिवार का किसी से ऐसा कोई विवाद नहीं था।
उन्होंने कहा कि बड़े भाई का उन्हें बहुत सहारा था। परिवार के अनुसार, काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात इकबाल सिंह को विदेशी नंबरों से धमकियां भी मिली थीं, लेकिन उन्होंने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने अभी इन धमकियों के संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
जागरण संवाददाता, तरनतारन। फिरोजपुर जिले के मल्लांवाला क्षेत्र में तैनात एएसआई इकबाल सिंह की हत्या के मामले में तरनतारन पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली है। पुलिस ने मोबाइल टावर डंप के आधार पर तीन संदिग्धों को भी राउंडअप कर पूछताछ शुरू कर दी है।
सोमवार को दिन भर पुलिस ने करीब 82 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शूटरों का सुराग नहीं लग पाया। वारदात के समय इकबाल सिंह की पत्नी दर्शन कौर भी उनके साथ थीं। ड्यूटी से घर लौटते समय दोनों नौशहरा पन्नुआं अड्डे पर मिले और करीब 15 मिनट तक बाजार में खरीदारी की। इसके बाद दोनों घर की तरफ रवाना हुए।
इकबाल सिंह बाइक पर आगे चल रहे थे, जबकि दर्शन कौर कुछ दूरी पर स्कूटी से आ रही थी। इसी दौरान दूसरी बाइक पर सवार दो नकाबपोश शूटर उनके करीब पहुंचे और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। दर्शन के सामने इकबाल सिंह की छाती में चार गोलियां मारीं, जो आरपार हो गईं।
एक माह में पुलिस में तैनात चाचा-भतीजे की हत्या
पंजाब पुलिस में तैनात एएसआई जगदीप सिंह ने बताया कि 11 सितंबर की रात उनके भतीजे अजमीत सिंह की बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। अब ठीक एक महीने बाद 11 अक्टूबर को उनके बड़े भाई इकबाल सिंह को भी निशाना बनाया गया। जगदीप सिंह के मुताबिक, दिसंबर 2022 में सरहाली थाने पर हुए आरपीजी हमले के मुख्य साजिशकर्ता अजमीत सिंह का आपराधिक दुनिया से संबंध था, लेकिन उनके परिवार का किसी से ऐसा कोई विवाद नहीं था।
उन्होंने कहा कि बड़े भाई का उन्हें बहुत सहारा था। परिवार के अनुसार, काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात इकबाल सिंह को विदेशी नंबरों से धमकियां भी मिली थीं, लेकिन उन्होंने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने अभी इन धमकियों के संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
