जागरण संवाददाता, संगरूर

सरकारी दफ्तरों में अनुशासन लाने के मद्देनजर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एक्शन मोड़ में दिखाई दे रहे हैं। पंजाब भर के सभी अधिकारियों को सुबह नौ बजे ही अपनी हाजिरी दफ्तरों में यकीनी बनाने के आदेश सोमवार को ही जारी कर किए गए थे। मंगलवार को पहले दिन ही संगरूर में सीएम के इन आदेशों की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं।

जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के कई अधिकारी व मुलाजिम सुबह नौ बजे की बजाए करीब आधा घंटा से पौना घंटा देरी तक दफ्तर पहुंचे। डीसी संगरूर सुबह नौ बजे ही दफ्तर पर पहुंच गए व दफ्तर के गेट पर ही सभी अधिकारियों व मुलाजिमों की डायरी पर हाजिरी दर्ज की गई, जहां अधिकतर अधिकारी व मुलाजिम निर्धारित समय से लेट पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री चन्नी ने जिला, तहसील, सब-तहसील सहित हर स्तर के सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह दफ्तर के निर्धारित समय पर पहुंचें व पूरा समय दफ्तरों में शाम पांच बजे तक लगाएं, ताकि दफ्तरों में कामकाज के लिए आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। ------------------------- एसडीएम भी लेट, दफ्तर में चलते रहे एसी व पंखे

जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के साथ लगते एसडीएम दफ्तर में एसडीएम अमरिदर सिंह टीवाना करीब आधा घंटा बाद भी दफ्तर नहीं पहुंचे। साढे़ नौ बजे तक वह दफ्तर नहीं आए थे। दफ्तर में मौजूद महिला मुलाजिम ने कहा कि एसडीएम साहिब डीसी की बैठक में गए हैं, जबकि डीसी द्वारा कोई बैठक सुबह नौ बजे नहीं रखी गई थी। हैरानी की बात यह है कि एसडीएम की गैरहाजिरी में दफ्तर में एसी, पंखे व लाइटें भी चालू थीं।

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एडीसी समेत अधिकारी व मुलाजिम भी देरी से पहुंचे

एडीसी (जनरल) भी करीब पंद्रह मिनट देरी से दफ्तर पहुंचे। डीआरओ भी पंद्रह मिनट, डीसी रामवीर के रीडर अमरिदर सिंह भी दस मिनट लेट रहे। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक में फंसने की वजह से वह लेट हो गए। डीसी दफ्तर की सीनियर असिस्टेंट 22 मिनट, क्लर्क जसवीर कौर 20 मिनट, जूनियर असिस्टेंट संजीव कुमार नौ बजकर 17 मिनट पर दफ्तर पहुंचे। करीब 53 व्यक्तियों की दफ्तर के गेट पर डायरी में हाजिरी दर्ज की गई, जिसमें से करीब 30 मुलाजिम नौ बजकर दस मिनट के बाद दफ्तर पहुंचे।

---------------------- आम लोगों ने की सरकार के प्रयास की प्रशंसा

दफ्तरों में कामकाज के लिए पहुंचने वाले लोगों ने नए मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों व मुलाजिमों की हाजिरी बाबत दिए गए आदेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी सख्त जरूरत थी। दफ्तरों में अधिकारी व मुलाजिम अक्सर ही देरी से पहुंचते हैं, जिस कारण लोगों को कामकाज के लिए कई घंटे दफ्तरों में भटकना पड़ता है। ऐसे में इन पर नकेल कसनी जरूरी है। दफ्तरी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार विशेष तौर पर ध्यान दें, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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मार्केट कमेटी के अधिकारी भी रहे लेट

मार्केट कमेटी दफ्तर संगरूर की बात करें तो यहां पर भी सुबह नौ बजकर 20 मिनट तक अधिकारी व अन्य अमला गैरहाजिर रहा। बेशक दफ्तर का समय नौ बजे का है, लेकिन सहायक खुराक व सप्लाई अधिकारी, पांच मंडी सुपरवाइजर, लेखाकार भी नौ बजकर बीस मिनट तक दफ्तर नहीं पहुंच पाए। दफ्तर के सभी कमरों में अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ी हुई थीं, जबकि लाइटें व पंखे इत्यादि चल रहे थे। ऐसे में साफ है कि मुख्यमंत्री चन्नी के आदेशों को अभी तक अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया है और सरकारी आदेशों को सरकारी बाबू ठेंगा दिखा रहे हैं।

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अधिकारियों को बचाते दिखे डीसी संगरूर

डीसी रामवीर खुद सुबह सही समय पर दफ्तर पहुंचे। उनसे बात की तो वह अपने मुलाजिमों को बचाते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि कुछ मुलाजिम फील्ड के होते हैं, इसलिए उन्हें दफ्तर पहुंचने में देरी हो जाती है क्योंकि वह सुबह कोई मौका देखने के लिए चले जाते हैं। बाकी मुलाजिम जो लेट आए हैं उन पर हम कार्रवाई करेंगे। आज पहला दिन है, इसलिए सभी अधिकारियों व मुलाजिमों को सख्त हिदायत दी जाएगी। अगर इसके बाद भी देरी से दफ्तर आने वालों अधिकारियों व मुलाजिमों ने लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के आदेशों की गंभीरता से पालन करते हुए अधिकारी व समूह मुलाजिम सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंचे व शाम पांच बजे तक दफ्तर में हाजिर रहे।

Edited By: Jagran