जागरण संवाददाता, संगरूर : मामूली तकरार को लेकर आरंभ हुए विवाद में दर्दनाक मौत का शिकार हुए जगमेल सिंह के परिवार के समक्ष अब दो वख्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है। बुजुर्ग मां व पत्नी और तीन बच्चों के पालन को लेकर शनिवार को अनुसूचित जाति कमीशन की सदस्य पूनम कांगड़ा ने गांव चांगलीवाला का दौरे किया और इस मामले पर गहरी चिता जताई। परिवार की हालत देख आज गांव में मृतक परिवार से सांत्वना जताने पहुंची हर आंख नम हो रही थी। साथ ही जगमेल पर अमानवीय अत्याचार करने वाले चार आरोपितों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग भी कर रहे थे। कई सामाजिक संगठन ऐसे आरोपियों को समाज के लिए खतरा बता उन्हें हमेशा के लिए सलाखों के पीछे रखने की भी मांग कर रहे थे।

हालत को देखते हुए कमीशन की सदस्य पूनम कांगड़ा ने पारिवारिक सदस्यों को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिलाया, वहीं आरोपितों के खिलाफ पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई के लिए जमकर फटकार लगाई। जनता का आक्रोष शांत करते पूनम कांगड़ा ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट समेत धारा 302 के तहत जुर्म में वृद्धि की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपितों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान जुर्म वृद्धि वाली एफआइआर भी तुरंत पीड़ित परिवार को सौंपी गई। उधर, मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए विभिन्न संगठनों ने पूनम कांगड़ा को ज्ञापन भी सौंपा। 12 नवंबर को मामला एससी कमीशन के ध्यान में आने पर सदस्य पूनम कांगड़ा द्वारा नोटिस लेते तुरंत मामला दर्ज करवाया गया है। किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे आरोपित

एससी कमीशन की सदस्य पूनम कांगड़ा ने कहा कि आरोपितों के जुर्म में वृद्धि कर दी गई है और किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसा अमानवीय अत्याचार करने वाले व्यक्ति को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है, जिसे सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयत्न करेंगी। उन्होंने कहा कि संगठनों ने मांगपत्र देकर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है, जिसे वह सरकार के समक्ष रखेंगी व हरसंभव मदद करवाने का प्रयास करेंगी। अनुसूचित भाईचारे से अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिसे लेकर सिविल व पुलिस प्रशासन को अपनी जिम्मेवारी गंभीरता से निभानी चाहिए। अपराधियों को मिले फांसी की सजा : दर्शन कांगड़ा

दलित वेलफेयर संगठन पंजाब के अध्यक्ष दर्शन कांगड़ा ने कहा कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति पर किया गया बेरहमी से अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपितों को फांसी की सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।

Posted By: Jagran

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