संगरूर, जेएनएन। मोटर एक्सीडेंटल क्लेम ट्रिब्यूनल (Motor Accidental Claim Tribunals) ने सड़क हादसे के एक मामले में बड़ा फैसला दिया है। ट्रिब्यूनल ने सड़क हादसे में एक टांग गंवाने वाले बस यात्री को  60 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्‍यूनल ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड व पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के बठिंडा डिपो को आदेश दिया है कि वे पीडित यात्री को 60 लाख रुपये का मुआवजा दें।  इस हादसे ने पीडि़त को दिव्यांग बना दिया और उसका रोजगार भी छीन लिया।

पीआरटीसी और ट्रक में हुई थी टक्कर, पीडि़त बस यात्री दिव्‍यांग हो गया था और उसका राेजगार भी छिन गया

वकील संजीव गोयल ने बताया कि तरंजीखेड़ा निवासी पीडि़त जसवीर सिंह राजपुरा में हिंदुस्तान लीवर कंपनी की एक इंडस्ट्री में कार्यरत था। 30 दिसंबर, 2017 को जसवीर रोजाना की भांति रात को फैक्टरी में अपनी ड्यूटी खत्म करके पीआरटीसी की बठिंडा डिपो की बस में अपने गांव तरंजीखेड़ा आ रहा था। रास्ते में गांव घराचों के समीप पहुंचने पर बस की एक ट्रक से सीधी टक्कर हो गई। इस हादसे में चार-पांच यात्रियों की मौत होने के अलावा 12 यात्री घायल हो गए थे।

हादसे में जसवीर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां से गंभीर हालत में जसवीर को चंडीगढ़ पीजीआइ रेफर कर दिया गया। हादसे में उसकी बाईं टांग पूरी तरह से कुचली जाने के कारण उसे काटना पड़ा। टांग काटे जाने के कारण जसवीर कामकाज करने के लिए असमर्थ हो गया और उसकी नौकरी भी छूट गई।

वकील ने बताया कि इलाज के दौरान जसवीर सिंह के दस लाख रुपये खर्च हो गए। जसवीर सिंह के एक लड़का व एक लड़की है, जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी भी उस पर है। इस मामले में मोटर एक्सीडेंटल क्लेम ट्रिब्यूनल संगरूर ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड व पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के बठिंडा डिपो को 60 लाख रुपये दो माह में अदा करने के आदेश दिए हैं। बीमा कंपनी  इसके लिए पीआरटीसी के डिपो बठिंडा से 50 प्रतिशत रकम वसूल कर पीडि़त जसवीर सिंह को ये राशि दो माह में अदा करेगी।

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हादसे ने परिवार की खुशियों को बिखेर दिया

जसवीर सिंह ने कहा कि वह आज तक दुर्घटना वाले दिन को भूल नहीं पाया है, जिसने उसके परिवार की खुशियों को बिखेर कर रख दिया है। वह हंसी-खुशी अपने परिवार के साथ जिंदगी व्यतीत करते हुए अपने बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की योजना बना रहा था। मगर, हादसे में न केवल वह दिव्यांग हो गया बल्कि आर्थिक स्थिति को भी नुकसान पहुंंचा है। हादसे के बाद उसके इलाज पर भी लाखों रुपये खर्च हो गए हैं, वहीं अब एक टांग की वजह से नौकरी भी नहीं मिल पा रही है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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