संवाद सूत्र, संगरूर

सेना में तैनात अपने चचेरे भाई के आर्डर पर पंजाब में नाजायज असलहा सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय असलहा सप्लायर को क्राइम ब्रांच संगरूर की टीम ने सुनाम के भाई मूलचंद रोड से गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक असलहा खरीददार को भी दबोचा है। दोनों आरोपितों से 32 बोर की दो पिस्तौल बरामद किए गए हैं। सप्लायर का पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में (पीएसी आगरा) बतौर हवलदार तैनात है। वह खुद दिल्ली के नारायणा इलाके में मौजूद एचवाई पैथ लैब पर सैंपल कुलेक्टर के तौर पर नौकरी करता है।

बीसीए पास 21 वर्षीय पवन कुमार अपने ताया के लड़के के कहने पर ही संगरूर में उत्तरप्रदेश से नाजायज असलहा लाकर यहां 35-40 हजार में सप्लाई करता था। इससे पहले भी एक असलहा वह अप्रैल के दौरान सप्लाई करके गया था, जिसे भवानीगढ़ पुलिस ने पहले ही विजय कुमार गटोला निवासी संगरूर से बरामद कर लिया है।

मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी योगेश शर्मा ने बताया कि क्राइम ब्रांच संगरूर की टीम ने दशहरा पर विशेष चेकिग व नाकाबंदी सुनाम इलाके में की थी। पुलिस ने पवन कुमार निवासी तलेसरा थाना गौंडा जिला अलीगढ़ (उत्तरप्रदेश) व कुलविदर सिंह निवासी कराईवाला थाना गिद्दड़बाहा जिला मुक्तसर साहिब को 32-32 बोर पिस्तौल समेत काबू किया। कुलविदर को उक्त पिस्तौल भी पवन कुमार ने ही सप्लाई किया था। दूसरा पिस्तौल भी वह संगरूर में किसी व्यक्ति को सप्लाई करने के लिए आया था। थाना सिटी सुनाम में पुलिस ने पवन कुमार, कुलविदर सिंह व चंचल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। ---------------

सेना में तैनात ताया का लड़का करता था डील

पूछताछ के दौरान सामने आया कि पवन कुमार का ताया का लड़का चंचल कुमार निवासी तलेसरा सेना में तैनात है और उसके द्वारा ही असलहा बेचने की डील की जाती है। 35-40 हजार रुपये की कीमत पर असलहा बेचा जाता है। पवन कुमार उसके कहने पर ही नाजायज असलहा उत्तरप्रदेश या अन्य राज्य से लाकर यहां सप्लाई करता है। असलहा किसे देना है यह पूरी जानकारी चंचल द्वारा पवन को मौके पर ही बताई जाती थी। पवन को असलहा चंचल द्वारा बताई जगह पर लेकर पहुंचना होता था। इसके बाद अगले आदेश अनुसार वह खरीददार को असलहा थमा देता था। इससे पहले अप्रैल में भी वह संगरूर के एक व्यक्ति को असलहा सप्लाई कर चुका है, जिसे पुलिस ने पहले ही दबोच लिया था।

------------------------

वाट्सएप पर होती थी बातचीत

पवन कुमार दिल्ली में एक पैथ लैब पर सैंपल कुलेक्टर का काम करता है। पवन अच्छा पढ़ा लिखा है और उसका पिता भी उत्तरप्रदेश पुलिस में हवलदार के पद पर तैनात है। पूछताछ के दौरान सामने आया कि पवन का चचेरा भाई चंचल असलहा बेचने की डील वाट्सएप के जरिये करता था। सारी बातचीत वाट्सएप पर हो जाती थी और वाट्सएप पर ही चंचल व पवन की बातचीत होती थी। गिरफ्तार किया गया दूसरा युवक कुलविदर गांव औलख के बस स्टैंड पर नंबर प्लेट बनाने की दुकान करता है। उसका पिता ट्रक ड्राइवर है। पुलिस द्वारा दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

Edited By: Jagran