जागरण संवाददाता, संगरूर

पंजाब में बनी आम आदमी पार्टी ने अपने पहला बजट पेश कर दिया है। बजट में महिलाओं के एक-एक हजार रुपये की हर माह आर्थिक मदद देने का एलान नहीं किया है। इस कारण महिलाओं में निराशा का आलम है। कर्मचारी व पेंशनर्स भी मायूस हैं। बेशक राज्य में शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की खातिर सरकार ने बजट में वृद्धि की गई, जिसकी मदद से पंजाब में सरकारी स्कूलों की दशा में सुधार होगा, वहीं विद्यार्थियों को इसका भरपूर फायदा मिलेगा। साथ ही सरकार ने स्कूल प्रिसिपल व अध्यापकों पर से अतिरिक्त काम का बोझ हटाने का भी एलान किया है, जिससे अध्यापकों ने राहत की सांस ली है। ---------------------- मुफ्त बिजली घोषणा का फायदा

रछपाल सिंह टीपू ने सरकार द्वारा अपनी पहली गारंटी तीन सौ यूनिट बिजली मुफ्त देने का एलान कर दिया है, जिसका फायदा एक जुलाई से हर खपतकार को मिलेगा। इससे आम परिवारों को काफी राहत मिलेगी। गरीब परिवारों पर बिजली बिल का बोझ अधिक होता है, जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब बिजली यूनिट मुफ्त मिलने से उनकी आर्थिकता पर बोझ नहीं पड़ेगा व वह इस राशि को अपनी अन्य जरूरत को पूरा करने के लिए खर्च कर सकेंगे।

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हजार रुपये का वादा नहीं किया पूरा

निशा गोयल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि महिलाओं को हजार रुपये महीना की आर्थिक मदद दी जाएगी, लेकिन तीन माह का समय गुजरने के बाद भी वादा पूरा नहीं किया। बजट में भी सरकार ने इसका एलान नहीं किया है, जिस कारण महिलाओं में निराशा पाई जा रही है। जरूरतमंद महिलाओं को इस राशि से काफी राहत मिल सकती है।

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महिला सुरक्षा के लिए दिखाएं गंभीरता सीमा गर्ग ने कहा कि पंजाब सरकार ने बजट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई खास कदम उठाने का एलान नहीं किया है। सीसीटीवी महिला मित्र केंद्रों में सीसीटीवी लगाने का एलान किया है, लेकिन महिलाओं को आम जिदगी में सुरक्षा की खातिर कोई विचार नहीं किया। पंजाब में अमन-कानून की स्थिति बिगड़ रही है। ऐसे में पंजाब सरकार को इस पर विचार किया जाना चाहिए। -------------------- मुफ्त बिजली का फैसला बेहतर दिलीप मिश्रा ने पंजाब सरकार द्वारा तीन सौ यूनिट बिजली मुफ्त देने के एलान का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। बिजली महंगी होने के कारण लोगों पर भारी भरकम बिजली बिल का बोझ पड़ता है। इससे हर परिवार बेहद परेशानी के दौर से गुजरता है, लेकिन अब सरकार के इस फैसले से आम लोगों की आर्थिकता मजबूत होगी। -----------------------

पेंशनर्स का नहीं रखा ख्याल : गुड्डू रविदर सिंह गुड्डू ने सरकार के प्रति निराशा जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ने पेंशनर्स के लिए कोई एलान नहीं किया है। सरकार के पहले बजट में उन्हें बेहद उम्मीद थी कि पिछले समय से रुकी मांगों को पूरा किया जाएगा, लेकिन सरकार ने भी पिछली सरकारों की भांति पेंशनर्स को अनदेखा कर दिया है। -------------------- पुरानी पेंशन पर सरकार चुप

पेंशनर्स कमलजीत सिंह सरकार से पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग की जा रही है। पिछली सरकार के समक्ष भी यह मांग रखी गई थी। कई बार वित्तमंत्री को इस मांग से अवगत करवाया गया, जिन्होंने भरोसा दिलाया था कि सरकार इस पर गौर करेगी, लेकिन सरकार ने अपने बजट में पुरानी पेंशन पर कोई एलान नहीं किया। साथ ही पेंशनर्स की डीए की किश्त जारी करने की मांग भी पूरी नहीं की।

-------------------- बुजुर्गों के लिए कुछ नहीं:-

बुजुर्ग अमरदास ने कहा कि सरकार ने बुजुर्गों को कोई राहत प्रदान नहीं की है। बुजुर्गों के मेडिकल भत्ते में वृद्धि, महंगाई भत्ते में वृद्धि की मांग सरकार से कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया। सरकार एक तरफ हर वर्ग को राहत देने की बात करती रही, लेकिन वर्षों से लटकती उनके आज भी लंबित रह गई हैं। अब अगले वर्ष तक फिर बुजुर्गों को सरकार की राह देखनी होगी। -------------------

सभी वर्गों को मिलनी चाहिए राहत:- डा. कुलदीप सिंह रेखी कहा कि पंजाब सरकार ने किसी प्रकार कोई टैक्स व वित्तीय बोझ लोगों पर नहीं डाला है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने इस बार बजट में पिछले वर्ष के मुकाबले 23.80 फीसद ज्यादा की वृद्धि की है, जिसकी मदद से बेहतर सेहत सुविधा ढांचा बनाया जाएगा, जिसका लोगों को फायदा मिलेगा। आज के समय में सेहत सुिवधाएं लोगों की पहली जरूरत हैं।

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ट्रांसपोर्टरों की सार ले सरकार

ट्रांसपोर्टर दलबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने ट्रांसपोर्टरों के लिए कोई बड़ी राहत का एलान नहीं किया है। जिस कारण ट्रांसपोर्टरों में सरकार के प्रति निराशा है। सरकार से टैक्सों में कटौती की मांग ट्रांसपोर्टर लंबे समय से चल रहे हैं, क्योंकि विभिन्न प्रकार के टैक्सों का बोझ ट्रांसपोर्टरों पर पड़ता है। अगर यह टैक्स में कटौती की जाए तो इसका लाभ ट्रांसपोर्टरों को मिलेगा व उनकी आर्थिकता में मजबूती आएगी।

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मोहल्ला क्लीनिक बनाने का फैसला बेहतर:-

सुखविदर सिंह सोनी ने कहा कि सरकार मोहल्ला क्लीनिक बनाने का एलान कर रही है, जिसका लोगों को फायदा मिलेगा। मोहल्ला क्लीनिक बनाने के साथ ही सरकार पहले से मौजूद सेहत केंद्रों की दशा में सुधार व उनमें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने पर भी ध्यान दें, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

--------------------- हर जिले में सीएम दफ्तर खोलना बेहतर कार्य कारोबारी राजीव जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री का हर जिले में दफ्तर खोलना प्रशंसनीय कार्य है, लेकिन इसके लिए सरकार के उत्तरदायी भी होना होगा। लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें व उनका हल करने के लिए गंभीरता दिखाएं। ऐसा न हो कि मुख्यमंत्री का दफ्तर केवल शोपीस बनकर न रह जाए।

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महिलाओं के लिए तुरंत राशि एलान करे सरकार:- ईशा शर्मा ने कहा कि सरकार अपने वादे पूरे करने से भाग रही है। हजार रुपये महीना महिलाओं को राशि देने का एलान सरकार तुरंत करे व यह राशि महिलाओं के खाते में डालने आरंभ करे, ताकि महिलाओं को कुछ आर्थिक राहत मिल सके।

Edited By: Jagran