संवाद सहयोगी, संगरूर : मांगों को लेकर सांझा मुलाजिम मंच पंजाब व यूटी की अगुआई में जिला संगरूर के 1500 से अधिक कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल कर दफ्तर के कामकाज ठप रखा। मुलाजिमों की हड़ताल के कारण 35 से अधिक विभागों के कामकाज बंद पडा रहा, वहीं अगले दो दिनों तक छुट्टी होने के कारण अब लोगों को अपना कामकाज करवाने के लिए सोमवार तक इंतजार करना होगा। मुलाजिमों की हड़ताल के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा व सभी दफ्तरों में मुलाजिमों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं व लोगों को दफ्तरों में चक्कर लगाकर वापस लौट जाना पड़ा। मुलाजिम सामूहिक तौर पर एकत्रित होकर हलका दाखां में रोष प्रदर्शन करने के लिए रवाना हुए। डीसी कार्यालय मुलाजिम यूनियन के चेयरमैन अमृतपाल सिंह, अध्यक्ष संजीव कुमार, प्रेस सचिव अमरिदर, अश्वनी कुमार, सतगुर सिंह ने बताया कि सरकार की मुलाजिम विरोधी नीतियों के खिलाफ सांझा मुलाजिम मंच पंजाब व यूटी के आह्वान पर डीसी कार्यालय के मुलाजिमों ने कलम छोड़ हड़ताल की। यूनियन द्वारा पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने, पे-कमिशन की सिफारिशों को लागू करने, डीए के बकाए जारी करने, मानी गई पुरानी मांगों संबंधी नोटीफिकेशन जारी करने की मांग पेश की। 40 किलोमीटर दूर से आए, खाली हाथ लौटे

लहरागागा से संगरूर के डीसी दफ्तर में अपने कार्य हेतु पहुंचे हैपी गागा ने बताया कि वह इतनी दूर से समय निकालकर अपना असलाह लाइसेंस संबंधी कार्य करवाने आए थे, कितु यहां आकर पता चला कि मुलाजिमों की हड़ताल है। इस कारण उन्हें बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ रहा है। आगामी दिनों में भी छुट्टियां होने के चलते अब सोमवार को ही उन्हें कार्य के लिए दोबारा आना पड़ेगा। हैपी ने सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि मुलाजिमों का रोष सरकार के प्रति है, लेकिन सरकारें की ढील से परेशानी आम जनता को झेलनी पड़ती है। फर्द संबंधी नहीं हुआ काम, बाकी कामकाज भी ठप

सोहियां रोड चक्क बेला से फर्द संबंधी काम करावने आए हरविदर सिंह, बलवीर सिंह ने बताया कि उन्हें कार्यालय में आ पता चला कि मुलाजिम हड़ताल पर हैं। अगले दिनों में फिर छुट्टियां हो जाएंगी व फिर त्योहारों के कारण दफ्तर बंद रहे। ऐसे में मुलाजिमों की हड़ताल के कारण उनका कामकाज नहीं हो पाया। फर्द में दुरुस्ती करवाकर उन्हें अदालत में जमा करवानी थी, लेकिन काम नहीं हो पाया। नहीं हुआ पेंशन के फार्मों का काम

गांव किलापुरियां से आई बुजुर्ग महिला सुरजीत कौर ने बताया कि उसे पेंशन फार्म जमा करवाने थे। पिछली समय दौरान उसने पेंशन के फार्म भरे थे, लेकिन पेंशन नहीं लगी। अब दोबारा पेंशन लगवाने के लिए फार्म देने के लिए पहुंची, लेकिन आज हड़ताल कारण फिर काम नहीं हुआ। बुढ़ापे की हालत में कार्यालयों के चक्कर काटना उसके लिए बड़ा कठिन है।

Posted By: Jagran

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