जागरण संवाददाता, संगरूर

किसानी मांगों व मुद्दों संबंधी तीन जनवरी को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की किसानों से होने वाली बैठक स्थगित किए जाने के रोष स्वरूप सोमवार को भाकियू एकता उगराहां द्वारा जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स का मुकम्मल घेराव किया गया। घेराव के कारण जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में जहां दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारियों सहित आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के तीनों गेटों सहित तहसील दफ्तर से जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स की तरफ मौजूद छोटे गेट को भी बंद कर दिया गया। केवल पैदल लोगों को आने-जाने दिया गया। दोपहर बाद से पूरे कांप्लेक्स में अधिकारी व मुलाजिम निकल गए।

गौर हो कि किसानों ने एलान किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, तब तक जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्सों का घेराव जारी रखा जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पांच जनवरी की फेरी का विरोध किया जाएगा।

अपनी मांगों को लेकर भाकियू एकता उगराहां द्वारा प्रधान अमरीक सिंह गंढूआ व महासचिव दरबारा सिंह छाजला की अगुवाई में डीसी कार्यालय संगरूर के समक्ष लगाया धरना 15वें दिन जारी रहा। सोमवार को डीसी कार्यालय के तीन गेटों का घेराव किया गया। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के राज्य उप प्रधान जनक सिंह, जिला महासचिव दरबारा सिंह व राज्य नेता जगतार सिंह कालाझाड़ ने बताया कि कांग्रेस सरकार बहाने बनाकर समय गुजार रही है। गुलाबी सुंडी से तबाह हुए नरमे व ओलावृष्टि से धान के हुए नुकसान का 17 हजार रूपये मुआवजा व मजदूरों को 10 प्रतिशत हिस्सा केवल एलान बनकर रह गया। ढाई एकड़ वाले किसानों को टयूबवेल कनेक्शन नहीं दिया गया। पूरे कर्ज माफ करने में आना कानी की जा रही है। किसानों को गन्ने की 360 रुपये अदायगी नहीं की गई। इस मौके सतिदंर सिंह, गुरनाम सिंह, मनजीत घराचों, हरबंस सिंह, जरनैल सिंह, मनजीत सिंह, गुरनाम सिंह आदि मौजूद थे। ------------------- ये हैं मांगें

खुदकुशी पीड़ित किसान परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पांच एकड़ तक मालकी वाले किसानों के लिए एलान की दो लाख रुपये तक की कर्जा माफी बगैर शर्त किसानों को दी जाए, मुलाजिमों को बकाया वेतन दिया जाए।

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