जागरण संवाददाता, संगरूर

संगरूर जेल में सजा भुगत रहे बुजुर्ग कैदी की कोरोना के कारण मौत हो गई। मरीज का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम माननीय जज की निगरानी में करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद कैदी का शव परिजनों को सौंप दिया गया। बुजुर्ग के मरने के बाद उसकी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव पाई गई। तीन डाक्टरों के बोर्ड ने पीपीई किट पहनकर बुजुर्ग का पोस्टमार्टम किया। मृतक के बेटे सतवीर सिंह ने बताया कि उसके पिता 71 वर्षीय राम कुमार निवासी जींद शिवम कालोनी हरियाणा रोडवेज की बस में ड्राइवर के तौर पर सेवा निभा रहे थे। उन्हें सड़क हादसे के मामले में चार माह की कैद हुई थी, जिसके तहत उन्हें जिला जेल संगरूर में रखा गया था। सजा समाप्त होने में दस दिन का समय बाकी था। बीमार होने पर उन्हें आठ जून को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। दस जून को उन्हें बुखार हो गया व 11 जून सुबह साढ़े पांच बजे उनका देहांत हो गया। जब उनकी दोबारा जांच की गई तो उनकी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई। कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद पहली बार माननीय जज अमरीश कुमार जैन की मौजूदगी में कैदी का पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम की बकायदा तौर पर वीडियोग्राफी की गई। एसएमओ डा. बलजीत सिंह द्वारा तीन डाक्टरों का बोर्ड बनाया गया। डा. राहुल गुप्ता, डा. सुमीत गोयल, डा. रूपिदर द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। डाक्टर ने कहा कि कैदी होने के कारण पोस्टमार्टम किया जाना जरूरी था। सैंपल बकायदा तौर पर खरड़ व पटियाला लैब पर भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल पाएगा। संगरूर जिला जेल सुपरिडेंटेंट बलवीर सिंह ने बताया कि उक्त कैदी को जब संगरूर जेल में लाया गया तब भी वह कोरोना संक्रमित हो चुका था। 17 दिन का एकांतवास का समय पूरा हो चुका था। अस्पताल में पहले एंटीजन सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन इसके बाद आरटीपीसीआर सैंपल लेकर भेजे गया था, लेकिन इसकी रिपोर्ट आने से पहले कैदी की मौत हो गई व बाद में रिपोर्ट पाजिटिव पाई गई।

Edited By: Jagran