जेएनएन, संगरूर। धूरी के निजी स्कूल में चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी बस कंडक्टर कमल कुमार को जिला सत्र न्यायाधीश बीएस संधू की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को अंतिम सांस लेने तक जेल में रहना होगा। सजा सुनाते समय जज बीएस संधू ने कहा कि दोषी किसी रहम का हकदार नहीं। उन्होंने सजा के दौरान उसे कोई छुट्टी (पैरोल) न देने के भी आदेश दिए। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माना भी किया।

एडवोकेट नरपाल सिंह धालीवाल ने बताया कि गत 25 मई को धूरी के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली चार वर्षीय बच्ची ने सुबह अपनी मां को बताया था कि स्कूल बस के कंडक्टर ने उसके साथ गलत काम किया है। सिविल अस्पताल ले जाने पर जांच में दुष्कर्म का पता चला। इसके बाद परिवार ने लोगों के साथ पुलिस थाने का घेराव किया तो आरोपित कंडक्टर, स्कूल के प्रबंधक जीवन कुमार, प्रधान तरसेम सिंगला व इंचार्ज बबीता रानी को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर किया गया था।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी एसएसपी को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए थे। धूरी पुलिस ने घटना के 9 दिन बाद ही अदालत में चालान पेश कर दिया था। अदालत ने करीब छह माह की सुनवाई के बाद सोमवार को दोषी बस कंडक्टर को आजीवन कैद की सजा सुनाई। मामले में नामजद स्कूल प्रबंधक कमेटी के तीन सदस्यों को 28 नवंबर को ही अदालत ने निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया था।

कोर्ट की टिप्पणी

जिला सत्र न्यायाधीश बीएस संधू ने टिप्पणी करते हुए कहा आरोपित पर किसी भी प्रकार की दया का भाव नहीं रखा जा सकता। आरोपित ने चार वर्षीय बच्ची के साथ बेहद बर्बरता से अपराध को अंजाम दिया। दोषी को मौत होने तक आजीवन कैद की सजा सुनाई जाती है। उसे ङ्क्षजदगी की अंतिम सांस तक जेल में ही रहना होगा।

आरोपित ने कबूल था, अश्लील फिल्में देखता इसलिए दिया वारदात को अंजाम

गिरफ्तारी के बाद ही आरोपित बस कंडक्टर कमल कुमार ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया था कि वह अश्लील फिल्में देखने का आदी है। इसी कारण उसने इस दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

स्वजन बोले-फांसी की सजा मिले तभी मिलेगा मासूम को इंसाफ

उधर, सोमवार को बच्ची के स्वजनों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि दोषी ने शर्मनाक हरकत की है। उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। फांसी की सजा के बाद ही मेरी मासूम बच्ची को इंसाफ मिल पाएगा। 

टाइम लाइन

  • 25 मई 2019: को धूरी के निजी स्कूल के क्लास रूम में बच्ची से दुष्कर्म
  • 26 मई: बस कंडक्टर की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन।
  • 27 मई: आरोपित बस कंडक्टर गिर$फ्तार
  • 28 मई : प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रबंधक कमेटी के तीन सदस्यों पर केस।
  • 3 जून: अदालत में आरोपितों के खिलाफ चालान पेश।
  • 28 नवंबर: मामले में नामजद तीन आरोपित बरी। बस कंडक्टर दोषी करार।
  • 2 दिसंबर: बस कंडक्टर को आजीवन कारावास

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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