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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मान ने कहा- अब दिल्ली वाले नहीं, आपसी सहमति से होंगे फैसले

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Thu, 01 Jun 2017 04:00 PM (IST)Updated: Thu, 01 Jun 2017 05:42 PM (IST)

आप के पंजाब प्रधान भगवंत मान ने कहा कि पार्टी का सांगठनिक ढांचा जल्द घोषित होगा। मालवा को तीन हिस्सों में बांटकर उपप्रधान बनाए जाएंगे।

मान ने कहा- अब दिल्ली वाले नहीं, आपसी सहमति से होंगे फैसले
मान ने कहा- अब दिल्ली वाले नहीं, आपसी सहमति से होंगे फैसले

जेएनएन, संगरूर। आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रदेश प्रधान व सांसद भगवंत मान ने कहा कि राज्‍य में अब पार्टी के फैसले दिल्‍ली वाले नहीं बल्कि यहां के नेता आैर कार्यकर्ता करेंगे। राज्‍य में पार्टी का संगठन एक माह में तैयार हो जाएगा। मान ने विधानसभा चुनावों में पार्टी को अपेक्षा से कम मिली सीटों पर स्थानीय रेस्ट हाउस में पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में लोकसभा हलका संगरूर से सांसद भगवंत मान ने एक-एक कर क्षेत्र के पदाधिकारी को बुलाया व उनसे हार के कारणों संबंधी जानकारी हासिल की। सभी क्षेत्रों से यही बात सामने आई कि पार्टी वर्करों में निजी स्वार्थ अधिक रहा। पार्टी के हितों को पहल देने के बजाय दिए गए पदों को निजी रंजिश का कारण बनाया गया। कई क्षेत्रों में घोषित किए उम्मीदवारों के नाम पर भी सवाल उठे थे। ज्यादातर वर्करों ने यह बात भी रखी कि समय-समय पर दिल्ली से लगाए हुए ईंचाजों ने उनका अपमान किया व उनकी वर्कराें प्रति अपनाई हुई पहुंच भी हार का कारण बनी।

सभी वर्करों को सुनने उपरांत भगवंत मान ने कहा कि अब उन्हें कोई दिल्ली का व्यक्ति पद नहीं देगा। यह पद अब हम सभी वर्कर अापसी बातचीत के बाद तय करेंगे। मान ने कहा कि पार्टी एक माह में अपना सांगठनिक ढांचा तैयार कर लेगी। पदाधिकारियों के नाम कन्वीनर व जोनल इंचार्ज के बजाय प्रधान शब्द का प्रयोग किया जाएगा। मालवा को तीन भागों में बांटा जाएगा। यहां उपप्रधान अलग से लगाए जाएंगे। पार्टी हर जिले में ग्रामीण व शहरी प्रधान भी बनाएगी। विभिन्न विंगों का भी गठन किया जाएगा।

मान ने कहा कि सत्ता में कांग्रेस सरकार आने से कुछ नहीं बदला। रेत, बजरी पर पहले मजीठिया का कब्जा था अब राणा गुरजीत जैसे अपने रसोइये को ले आए हैं। बादलों की बसों के बजाय कांग्रेस नेताओं ने बिना परमिट के रूट चलानी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने बनाया था। वादा किया था कि पंजाब में 55 लाख लोगों को रोजगार देंगे, लेकिन तीन माह में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते को नौकरी देने के अलावा किसी को नौकरी नहीं दी है।

मान ने कहा कि इस समय किसान कर्जा माफी व नौजवान स्मार्ट फोन की प्रतीक्षा में हैं, किंतु मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह निजी पार्टियों का आनंद लेने में व्यस्त हैं। आम आदमी पार्टी विधानसभा में व सड़कों पर आकर कांग्रेस पार्टी अपने वादों से भागने नहीं देगी।

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