जागरण संवाददाता, रूपनगर

बुधवार को जिला एवं सेशन जज बल¨वदर ¨सह संधू की अदालत ने रूपनगर के विधायक अमरजीत ¨सह संदोआ पर हमला करने के मामले में दो आरोपितों की जमानत मंजूर कर ली है। इन आरोपितों में विधायक संदोआ पर हमला करने वाले मुख्य आरोपित अज¨वदर ¨सह बेईहारा के चाचा का लड़का द¨वदर ¨सह तथा मोहन ¨सह के नाम शामिल हैं। अदालत ने पुलिस को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने एफआइआर में लगाई गई इरादा ए कत्ल की धारा तथा आ‌र्म्स एक्ट की धाराएं लगाए जाने पर भी एतराज जताया। वहीं, आरोपितों की तरफ से वकील एचएस पाल ने कोर्ट में पेश हुए। बुधवार को जिला एवं सेशन जज की कोर्ट में आरोपितों द¨वदर ¨सह तथा मोहन ¨सह द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही थी। अदालत में वो वीडियो रिकॉर्डिंग भी दिखाई गई जो बेईहारा गांव के समीप हरसा बेला के इलाके में विधायक अमरजीत ¨सह संदोआ तथा खनन करने वालों के लोगों के बीच हुई झड़प की थी। अदालत ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग में कहीं भी न तो कई हथियार दिखाई देता है न ही झड़प में कोई जानलेवा हमला हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद मार देने की नीयत की धारा तथा आ‌र्म्स एक्ट की धारा क्यों लगाई गई है। सरकारी वकील ने पक्ष ये दिया कि गाड़ी में हथियार थे, जो पुलिस ने बरामद किए हैं। ये हथियार लाइसेंसी थे। इस पर अदालत ने कहा कि गाड़ी में पड़े हथियार लाइसेंसी होने के बावजूद कैसे आ‌र्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं।

विधायक के चरित्र पर पहले भी लगे हैं आरोप

आरोपितों के वकील एचएस पाल ने कहा कि उन्होंने अदालत में आरोपितों की जमानत के लिए पक्ष ये रखा कि रूपनगर के विधायक अमरजीत ¨सह संदोआ के चरित्र पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। उनकी मकान मालिकिन ने भी विधायक पर छेड़छाड़ तथा गाली गलौज करने के आरोप लगाए थे। जिन पर अदालत में मामला विचाराधीन है। वकील ने कहा कि विधायक खड्ड में क्यों गए थे। उनकी नियत ही मामले में सही नहीं लगती। उनके क्लाइंट को गलत फंसाया गया है। ये हुआ था बता दें कि 21 जून को रूपनगर के विधायक अमरजीत ¨सह संदोआ इलेक्ट्रॉनिक तथा ¨प्रट मीडिया को साथ लेकर ब्लाइंड साइड पर अवैध खनन दिखाने के लिए गए थे। मौके पर जाकर मीडिया को विधायक ने अवैध खनन दिखाया। इतने में अज¨वदर ¨सह बेईहारा व अन्य भी मौके पर आ गए तथा दोनों बहस होते हुए झड़प शुरू हो गई। पहले विधायक संदोआ की पगड़ी गिराई गई तथा फिर विधायक के एक गनमैन सुखबीर ¨सह ने अज¨वदर की पगड़ी गिरा दी। इस दौरान विधायक के साथ धक्कामुक्की तथा मुक्के भी मारे गए। विधायक को पहले आनंदपुर साहिब अस्पताल ले जाया गया तथा ईसीजी में समस्या आने पर पीजीआइ चंडीगढ़ ले जाया गया था। तब पुलिस ने आरोपित अज¨वदर ¨सह, जस¨वदर ¨सह गोल्डी, बचितर ¨सह, मनजीत ¨सह तथा अमरजीत ¨सह व अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 295ए, 354, 186, 148 , 149 के तहत एफआइआर दर्ज की थी। छह दिन बाद मुख्य आरोपित अज¨वदर ¨सह तथा बचितर ¨सह ने एसएसपी दफ्तर में आत्मसमर्पण किया था।

By Jagran