संवाद सहयोगी, आनंदपुर साहिब : भाजपा द्वारा राणा के हक में उतरने के बाद शिवसेना नेता नितिन नंदा ने भी राणा पर आरोप लगाए हैं। नंदा ने कहा कि एडवोकेट सतवीर सिंह राणा के परिवार की ओर से जमीनी सौदे के पैसे वापस न करने और सियासी दबाव के चलते झूठे व बेबुनियादी आरोप उनपर लगाए जा रहे हैं। सियासी दबाव में उसे लाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिवसेना पंजाब के जिला प्रधान नितिन नंदा ने कहा कि सतवीर सिंह राणा का ताया का बेटा दिलशेर सिंह राणा जोकि चंडीगढ़ पुलिस में डीएसपी रैंक पर है, के साथ उसका एक जमीन का सौदा 2016 में हुआ था। उनके व उनके एक भागीदार के साथ 20 एकड़ जमीन का बयाना हुआ था। जिस पर उन्हें एक करोड़ रूपए में से 50 लाख रुपए नगद और 25-25 लाख रुपए के दो चैकों के माध्यम से दिए थे और इस जमीन की रजिस्ट्री 31 मई 2016 को होनी थी लेकिन इन्होंने उसे धोखे में रखा और खुद तहसीलदार के पास अपनी हाजिरी लगवा ली। जबकि इनके द्वारा जो जमीन उन्हें दिखाई गई थी, वह ये नहीं थी। उनके साथ हुए धोखाधड़ी की उन्होंने उस समय के जिला पुलिस व अन्य उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से शिकायत दी गई लेकिन आज सियासी दबाव के चलते उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। नितिन नंदा ने कहा कि उनके ऊपर पैसे मांगने व रेत बजरी की मुफ्त मांग करने के सतवीर सिंह राणा द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। जबकि राणा व उनके साथियों द्वारा उनकी गाड़ी की तोड़फोड़ की गई और उनके चालक के साथ भी बुरी तरह के साथ मारपीट की गई। अब उनके चालक को डराया-धमकाया जा रहा है। इस मौके शिवसेना के ब्लॉक प्रधान गुरजीत सिंह, संजीव कुमार, सुनील कुमार आदि उपस्थित थे। नंदा के आरोप बेबुनियाद: डीएसपी दिलशेर राणा

डीएसपी दिलशेर राणा ने कहा कि रजिस्ट्री करवाने मौके धोखा देने के आरोप बिलकुल बेबुनियाद हैं और यह मौके पर हाजिर नहीं हुआ। जिसके कारण उन्होंने अपनी हाजिरी लगवा ली थी। उन्होंने बताया कि नंदा द्वारा एसएसपी रूपनगर के पास जो लिखित शिकायत की गई थी उसकी एसएसपी द्वारा तीन बार इंक्वायरी करवाने के उपरांत दाखिल दफ्तर कर दी थी।

Posted By: Jagran

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