संवाद सहयोगी, रूपनगर, काठगढ़ : रूपनगर हेडव‌र्क्स के पास एवं स्वराज माजदा फैक्ट्री के ठीक सामने नूरपुरबेदी स्थित डेरा ऋषि मुनि देशम आश्रम के संत अबदूत महायोगेश्वर महाराज (86) का शव रविवार को डेरे में मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि उस पर कीड़े रेंग रहे थे। संत अबदूत महायोगेश्वर पिछले 40 सालों से भी ज्यादा समय से यहा पर रह रहे थे। यह हिमाचल के जिला मंडी के सरकाघाट के रहने वाले थे।

घटना के बारे में उस समय पता चला जब पनियाली कलां का रहने वाला एक शिष्य जगदीश लाल डेरे में उनके लिए भोजन लेकर पहुंचा। जगदीश लाल के अनुसार जब वो डेरे में पहुंचा तो वहां बदबू आ रही थी जब भीतर पहुंचा तो कमरे में सारा सामान बिखरा हुआ था जबकि संत के शरीर गल चुका था। जिसके बाद पुलिस को सूचित किया।

मौके पर पहुंचे थाना काठगढ़ के एसएचओ परमिदर राय ने रूपनगर से फारेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने सारे सबूत एकत्रित किए व शव को कब्जे में लेकर काठगढ़ सिविल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएचओ के अनुसार मामला शंकित है व हत्या का लगता है लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट पता चल सकेगा। कुछ दिन पहले हुआ कत्ल

थाना प्रभारी काठगढ़ परमिंदर सिंह ने बताया कि संतों का शव गल चुका था और यह कत्ल कुछ दिन पहले का हुआ था। लूटपाट से और दरबाजे की तोड़फोड़ से यह लुटेरों का काम लगता है। पुलिस ने संत अबदूत महा योगेश्वर महाराज के भाई दिनेश कुमार जोकि रूपनगर में रहता है, उसको बुलाया और उसके बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया। संतों पर हमले चिंतनीय

घटना की सूचना मिलते ही गौ रक्षा दल व हिदू जागृति मंच के अध्यक्ष निकसन कुमार सहित शिवसेना बाल ठाकरे के प्रदेश उपाध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। नेताओं ने कहा कि देश में हिदुओं और हिदू संतों की हत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं जोकि चिंतनीय है। उन्होंने बताया कि दिवंगत महात्मा योगेश्वर महाराज दूध बाड़ा शीशम झाड़ी अग्नि अखाड़ा ऋषिकेश से संबंध रखते थे। जगदीश लाल के अनुसार दस मई को उसकी संतों के साथ फोन पर बात हुई थी व आज वो उनके लिए साग व मक्की की रोटी लेकर आया था। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ रही संतों की हत्या किसी बड़े पर षड्यंत्र की तैयारी लगती है। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार व राज्य सरकार से अपील की है कि स्थिति को संभाला जाए व आरोपितों को जेल का रास्ता दिखाया जाए। मौत की खबर सुनकर श्रद्धालु पहुंचने लगे

संत अबदूत महा योगेश्वर महाराज की मृत्यु की खबर सुनकर रूपनगर व आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके श्रद्धालुओं का स्थान पर आना जाना शुरू हो गया। सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने वहा पर किसी को भी रुकने नहीं दिया।

Edited By: Jagran

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