जागरण संवाददाता, रूपनगर :

रूपनगर नगर कौंसिल की बैठक में पहली बार प्रधान पक्ष के पार्षद खुलकर प्रस्तावों का न सिर्फ विरोध किए, बल्कि कई कार्रवाई को लेकर एतराज भी जताए। बैठक में हमेशा हमलावर रहने वाले कांग्रेस के पार्षद अशोक वाही ने शुरुआत में ही प्रस्तावों पर एतराज जताना शुरू किया। वाही ने कहा कि प्रधान इस बात का जवाब दें कि अनुमानित बजट के मुताबिक कौंसिल को संसाधनों से आय आ रही है या नहीं। यह प्रस्तावित बजट झूठा है।

इस पर प्रधान ने ईओ से विचार विमर्श करने के बाद जवाब दिया कि 125 गज तक के बिल माफ होने की वजह से आमदनी कम हो गई है। आमदनी को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में हमेशा प्रधान के पक्ष में बोलने वाले पार्षद मोहित शर्मा, अमरजीत सिंह जौली और नीरू गुप्ता ने लोकहित के मामलों को जमकर उठाया। बैठक में अशोक वाही के वरिष्ठ उपाध्यक्ष को कहा कि एक मिनट चुप रहो बहुत न स्मार्ट बण। इस टिप्पणी पर उपाध्यक्ष पूनम कक्कड़ ने एतराज जताया तो वाही ने कहा कि वह पार्षद के हक में बोल रहे हैं। पूनम ने कहा कि वाही पर भड़ास निकालते हुए कहा कि हक में बोलने का क्या मतलब, आप किसी की भी बेइज्जती करोगे। प्रधान और उनके हक के कई पार्षदों ने वाही की टिप्पणी पर एतराज जताया। वहीं, कांग्रेस पार्षद पोमी सोनी ने कमेटी रूम की खस्ता हालत पर एतराज जताते हुए कहा कि यहां न तो पर्याप्त लाइट है न ही बैठने का माहौल। जबकि कर्मचारियों के दफ्तरों का नवीनीकरण किया जा रहा है। कालोनी विकास के फंड से बिजली बिल जमा करवाए कौंसिल: वाही

बैठक की शुरूआत में ही पार्षद वाही ने नगर कौंसिल के सिर चढ़े बिजली बिलों का मुद्दा उठाया और कहा कि पांच करोड़ के आसपास बिजली के बिल बकाया हो चुके हैं ऐसे में बिजली बिलों के ब्याज के रूप में जा रही लाखों की अदायगी शहर के लोगों का ही नुकसान है। इसलिए प्राइवेट कालोनियों के विकास के लिए रखे तीन चार करोड़ के फंड में से ये बिल अदा करने का प्रस्ताव डाला जाए। जिससे कि ब्याज के रूप में लाखों का नुकसान ही रोका जा सके। फंड में बाद में आमदनी से राशि जमा करवाई जाए। ईओ ने कहा कि नियम के मुताबिक ऐसा नहीं किया जा सकता। प्रधान ने साफ शब्दों में ऐसा करने से मना कर दिया। जौली बोले, 48 घंटे बाद कालोनियों में पीने के पानी की सप्लाई अन्याय बैठक में अमरजीत सिंह जौली ने कहा कि नगर कौंसिल प्राइवेट कालोनियों में रहने वाले लोगों से पानी, सीवरेज के कनेक्शन की फीस लेती है। नक्शा पास करवाने की फीस लेती है। यहां के लोगों को मतदान का अधिकार भी है। लेकिन जब यहां के विकास की बात आती है तो कौंसिल कहती है कि ये अनधिकृत कालोनी है। ऐसा बिलकुल गलत है। उन्होंने पंजाब सरकार को अनाधिकारित कालोनियों को लेकर स्पष्ट आदेश करना चाहिए। जौली ने शहर की सर्कुलर रोड के बाहर की कालोनियों को 48 घंटे बाद पीने के पानी की सप्लाई देने का भी विरोध किया। जौली ने कहा कि पीने के पानी की सप्लाई कम से कम छह घंटे होनी चाहिए। करोड़ों रुपये खर्च करते सौ फीसद पेयजल प्रोजेक्ट शहर को देने का क्या फायदा है। नीरू गुप्ता बोलीं, सभी वार्डों में हो बराबर काम

बैठक में पार्षद नीरू गुप्ता ने कुछ वार्डों में विकास कार्यों के तहत लाखों रुपये खर्च करने का विरोध किया। नीरू गुप्ता ने कहा कि सभी वार्डों में बराबर बराबर विकास होना चाहिए। इस पर पार्षद मोहित शर्मा ने कहा कि जो कई महीने पहले डाले गए प्रस्तावों के काम आज तक नहीं हो पाए हैं। मोहित सर्मा ने जेई नरेश कुमार की तरफ निराशा करते हुए कहा कि वो एक बार तबादला होने के बाद फिर यहां तैनात हो चुके हैं। लेकिन काम आज भी नहीं हो पाए हैं। बैठक में आजाद पार्षद अमरिदर सिंह रीहल ने साढ़े ग्यारह लाख के बिजली के बिल व सामान के प्रस्ताव पर एतराज जताते हुए कहा कि सामान कौन सा खरीदा गया। इस पर बताया गया कि ये सामान का नहीं बिजली बिल का खर्च है। इस पर कई महिला पार्षदों ने कहा कि वो वार्ड में खुद सामान खरीदकर बिजली के बल्ब चलवा रही हैं। सामान तो कभी आया नहीं। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने उनके वार्ड के ज्वलंत स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे को लेकर एतराज जताया कि लाइटें तो लगा दी गई लेकिन उन्हें बताना अधिकरियों ने जरूरी नहीं समझा। जबकि वो इस काम के लिए काफी समय से मांग उठा रहे थे। ये हुए शामिल

बैठक में जसपिदर कौर पिका, जसविदर कौर, चरणजीत कौर हवेली, इकबाल सिंह माक्कड़, किरण सोनी, रेखा रानी, इंद्रपाल सिंह राजू सत्याल, चरणजीत सिंह चन्नी, सरबजीत सिंह सैनी, गुरमीत सिंह रिकू शामिल हुए।

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