जागरण संवाददाता, रूपनगर: हिमाचल के धर्मशाला में विधानसभा भवन के बाहर खालिस्तान के झंडे और दीवारों पर गुरमुखी में खालिस्तान पेंट से लिखने के मामले में हिमाचल पुलिस को वांछित गांव रुड़की हीरां का युवक परमजीत सिंह पम्मा तीसरे दिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पम्मा को वीरवार तक हिमाचल की एसआइटी ढूंढ रही थी, लेकिन ये स्पष्ट होने कि रूपनगर सचिवालय के बाहर भी पम्मा और उसके साथी राजू ने खालिस्तान लिखा झंडा लगाया था, के बाद रूपनगर पुलिस भी उसे तलाश करने में जुट गई, क्योंकि राजू को पकड़कर हिमाचल पुलिस रूपनगर पुलिस से पहले ही एक कदम आगे चल रही थी। शुक्रवार को रूपनगर पुलिस का खुफिया दस्ता भी पम्मा को ढूंढने में लगा हुआ था। गुप्त जानकारी के बाद जब पुलिस इसका पीछा कर रही थी, तो वह सैदपुर गांव में एक घर में घुस गया था। पम्मा की गिरफ्तारी न होने की वजह से हिमाचल ही नहीं, रूपनगर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। हिमाचल पुलिस द्वारा इस मामले को हल करने के लिए बनाई गई एसआइटी की टीम ने वीरवार को भी सिविल ड्रेस में रुड़की हीरां में एक युवक के घर छापा मारा था, लेकिन पम्मा पुलिस को नहीं मिला। पम्मा वीरवार और शुक्रवार को सुबह के समय गांव में घूमता रहा। जानकारी के मुताबिक वह मुंह पर कपड़ा बांधकर घूम रहा था, इसलिए पहचान में नहीं आया। दूसरी तरफ, हिमाचल पुलिस ने 11 मई को पहले एक आरोपित हरबीर सिंह उर्फ राजू को मोरिडा से गिरफ्तार किया था। उसी दिन पम्मा के घर पर भी पुलिस ने छापा मारा था। रूपनगर के एसएसपी डा.संदीप गर्ग ने कहा कि आरोपित पम्मा को रूपनगर पुलिस ने हिरासत में लेकर हिमाचल पुलिस को सौंप दिया है।

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